“बलिदान, सत्य और समानता का महापर्व”
राजा गुरु बालक दास साहेब की जन्म जयंती को ऐतिहासिक बनाने नवागढ़ में गूंजा एकता का संकल्प, ब्लॉक स्तरीय बैठक सफल संपन्न

नवागढ़।
“जब समाज अपने महापुरुषों के विचारों को केवल याद नहीं करता, बल्कि उन्हें जीवन में उतारने का संकल्प लेता है, तभी इतिहास नए स्वर्णिम अध्याय लिखता है।”
इसी संकल्प के साथ सतनाम धर्म के प्रवर्तक परम पूज्य संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी के द्वितीय पुत्र, वीर बलिदानी, समाज सुधारक एवं सतनामी समाज के धर्मगुरु राजा गुरु बालक दास साहेब की जन्म जयंती को भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक रूप से मनाने के लिए नवागढ़ में विधानसभा एवं ब्लॉक स्तरीय बैठक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
एकता, संगठन और समाज जागरण का बना केंद्र
बैठक में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, युवा साथी, महिला प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे आयोजन में समाज की एकजुटता, अनुशासन और सेवा भावना की झलक देखने को मिली। वक्ताओं ने कहा कि राजा गुरु बालक दास साहेब का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि समाज को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य, समानता और आत्मसम्मान का संदेश देने वाली अमूल्य प्रेरणा है।
18 अगस्त को निकलेगी विशाल शोभायात्रा
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 अगस्त 2026 को सतनाम भवन नवागढ़ से विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर बेमेतरा पहुंचेगी। इस दौरान समाज अपने महापुरुषों के आदर्शों का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा। आयोजन को श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
16 अगस्त को होगा रक्तदान शिविर और सेवा कार्यक्रम
राजा गुरु बालक दास साहेब की जयंती के उपलक्ष्य में 16 अगस्त को विशाल रक्तदान शिविर, सामाजिक सेवा, जनजागरूकता और समाजहित से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल माल्यार्पण से नहीं, बल्कि सेवा, मानवता और समाज के कल्याण के कार्यों से मिलती है।
युवाओं को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया। युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने और पूरे आयोजन को अनुशासित, भव्य एवं प्रेरणादायी बनाने का आह्वान किया गया। समाज के प्रत्येक वर्ग से तन-मन-धन से सहयोग देने की अपील भी की गई।
राजा गुरु बालक दास साहेब के आदर्शों पर चलने का आह्वान
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजा गुरु बालक दास साहेब ने समाज को स्वाभिमान, न्याय, समानता और संगठन का मार्ग दिखाया। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि समाज शिक्षा, संस्कार, सामाजिक चेतना और भाईचारे के साथ निरंतर आगे बढ़ सके।
संकल्प: जन्मोत्सव बने समाज की नई पहचान
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि इस वर्ष का जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, सेवा, संस्कृति और संगठन शक्ति का विराट प्रतीक बनेगा। प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक युवा की सहभागिता से आयोजन को ऐतिहासिक, गरिमामय और यादगार बनाने का निर्णय लिया गया।
**”जय सतनाम” केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि सत्य, समानता, सेवा और मानवता का संदेश है।
“मनखे-मनखे एक समान” की भावना के साथ समाज एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है।**


