छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के तत्वावधान में हितग्राहियों की एक दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला संपन्न

दिनांक 01 अगस्त को रायपुर के घड़ी चौक स्थित छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के कार्यालय में बोर्ड के द्वारा पंजीकृत हितग्राहियों का एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण करवाया गया। इस कार्यशाला में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त), छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष श्री नीरेंद्र साहू, रायपुर जिला व्यापार एवं उद्योग विकास केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री एम. एस. पैकेरा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. Ghanshyam साहू, उद्योग विभाग के प्रबंधक श्री मनीष ठाकुर, खादी ग्रामोद्योग एवं ओडीओपी की उप संचालक श्रीमती बघेला, खाद्य एवं औषधि विभाग की प्रोग्रामर श्रीमती मधुबाला रामटेके, सचिव श्री अमित कुमार श्रीवास्तव, युवा प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक श्री नीलेश साहू एवं विभिन्न जिला से आये तेलघानी हितग्राही उपस्थित रहे।
कार्यशाला में उद्योग विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री पैकेरा द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के प्रावधान, नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। श्री पैकेरा ने बताया कि राज्य शासन के उद्योग विभाग द्वारा खाद्य प्रसंस्करण से सम्बंधित समस्त आधुनिक विभागों की सेवाएँ एकल खिड़की प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराने के लिये सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया गया है एवं समस्त सुविधायें ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
हितग्राहियों को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना हेतु एफएसएसएआई से पंजीयन लेना भी आवश्यक होता है। श्री पैकेरा ने अवगत कराया कि पीएमएफएमई योजना के तहत समस्त वर्ग के हितग्राहियों को परियोजना लागत के 35 से 45 प्रतिशत की सब्सिडी सुविधा के तहत प्रसंस्करण इकाई स्थापना के लिये आसान ऋण सुविधा उपलब्ध होती है।
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से श्रीमती मधुबाला रामटेके ने तेल यूनिट की स्थापना के लिये पीएमईजीपी एवं सीएमईजीपी योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया तथा हितग्राहियों के प्रश्नों का निराकरण भी किया।
कार्यशाला को छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के वर्तमान अध्यक्ष श्री नीरेंद्र साहू साहू जी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि तेलघानी बोर्ड कृषक भाइयों एवं व्यवसायियों के आय बढ़ाने के लिये निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने समस्त हितग्राहियों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिये प्रेरित किया।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर श्री घनशयाम साहू ने छत्तीसगढ़ में तिलहन फसलों के विस्तार की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अलसी की छत्तीसगढ़-1, गिरिराज-1 जैसी किस्मों का उत्पादन कर कृषकगण अधिक आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।
कार्यशाला में हितग्राहियों को अत्याधुनिक ऑयल एक्सपेलर मशीन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया एवं समस्त पंजीकृत हितग्राहियों को परिचय पत्र एवं पंजीयन प्रमाण पत्र वितरित किया गया।


