आरक्षण विरोधी पोस्ट पर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा प्रहार!

*’जनमन’ के संपादकीय सलाहकार डॉ. अनिल द्विवेदी की सेवा समाप्त, सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी बनी कार्रवाई की वजह*
रायपुर – आरक्षण पर सोशल मीडिया में की गई विवादित टिप्पणी के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकारी पत्रिका ‘जनमन’ के संपादकीय सलाहकार डॉ. अनिल द्विवेदी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इस फैसले को संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
फेसबुक पर की गई विवादित पोस्ट सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद छत्तीसगढ़ संवाद ने संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी को पत्र लिखकर डॉ. द्विवेदी के आचरण को निविदा की शर्तों के विपरीत बताया, जिसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
विवाद बढ़ने पर डॉ. द्विवेदी ने अपनी पोस्ट हटा दी, लेकिन तब तक मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका था। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने इस पर कार्रवाई की मांग करते हुए इसे संविधान और आरक्षण व्यवस्था के प्रति आपत्तिजनक बताया था।
इस कार्रवाई को कई सामाजिक संगठनों ने स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय के विरुद्ध मानी जाने वाली टिप्पणियों पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सार्वजनिक पदों पर कार्यरत व्यक्तियों के लिए सोशल मीडिया पर जिम्मेदार आचरण का स्पष्ट संदेश है।
*आरक्षण पर विवादित पोस्ट… सरकार का एक्शन ऑन मोड, संपादकीय सलाहकार की छुट्टी*
*सोशल मीडिया पोस्ट पड़ी भारी, ‘जनमन’ के सलाहकार की सेवा समाप्त*
*आरक्षण पर टिप्पणी और तत्काल कार्रवाई, सरकार ने दिया सख्त संदेश*
*संविधान पर टिप्पणी नहीं होगी बर्दाश्त! विवादित पोस्ट के बाद बड़ी कार्रवाई*
*आरक्षण विरोधी पोस्ट पर सरकार का सख्त रुख, ‘जनमन’ से हटाए गए डॉ. अनिल द्विवेदी*


