सुशासन तिहार सिर्फ दिखावा? एक माह बाद भी नहीं हुआ आवेदन का निराकरण, नवागढ़ तहसीलदार की कार्यशैली पर सवाल

बेमेतरा। प्रदेश सरकार ने सुशासन तिहार के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का दावा किया था। अधिकारियों को समय-सीमा में शिकायतों के निराकरण के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में यह दावा सवालों के घेरे में दिखाई दे रहा है।
मामला ग्राम कटई में आयोजित सुशासन तिहार शिविर का है। आवेदक बिनोद कुमार ने राजस्व विभाग को आवेदन देकर खसरा क्रमांक 140 को सुरक्षित (संरक्षित) करने की मांग की थी। आरोप है कि आवेदन दिए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नवागढ़ तहसील कार्यालय की ओर से न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही आवेदक को निराकरण की जानकारी दी गई। आवेदन अब भी लंबित बताया जा रहा है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सरकार त्वरित निराकरण का दावा कर रही है, तो आखिर नवागढ़ तहसीलदार के स्तर पर यह मामला अब तक लंबित क्यों है? यदि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का भी समय पर निराकरण नहीं होगा, तो आम जनता का इस अभियान पर विश्वास कैसे कायम रहेगा?
*उठते सवाल:*
*क्या सुशासन तिहार केवल प्रचार तक सीमित रह गया है?*
*एक माह बाद भी आवेदन लंबित रहने का जिम्मेदार कौन?*
*नवागढ़ तहसीलदार ने अब तक जांच या कार्रवाई क्यों नहीं की?*
*क्या शासन के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा?*
*लंबित मामलों की जवाबदेही किसकी तय होगी?*
*तहसीलदार का पक्ष:*
नवागढ़ तहसीलदार बलराम तम्बोली से इस संबंध में उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर 9340891242 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी। समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


