“जहाँ गूंजा श्रीमद्भागवत का अमृत… वहाँ उमड़ा श्रद्धा, सेवा और विकास का संगम काशी राम बांधे
खपरी में भक्ति रस में डूबा भागवत महायज्ञ, जनप्रतिनिधियों ने की विकास कार्यों की घोषणाएं
जिला बेमेतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत खपरी इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भावना से सराबोर नजर आया, जहाँ नवनिर्वाचित सरपंच काशीराम बांधे के नेतृत्व में आयोजित श्रीमद् भागवत महायज्ञ पुराण ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया। गांव की गलियों से लेकर कथा पंडाल तक हर ओर “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” की मधुर ध्वनि गूंजती रही।
कलियुग में भागवत कथा को मोक्ष का मार्ग माना गया है। कहा जाता है कि जहाँ भागवत की कथा होती है, वहाँ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और देवताओं का वास होता है। खपरी में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने कथा श्रवण कर धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश ग्रहण किया।
इस पावन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि दयाल दास बघेल भी शामिल हुए। उन्होंने कथा मंच पर पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और ग्रामवासियों की श्रद्धा एवं आयोजन की भव्यता की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक चेतना है।”
इस दौरान उन्होंने ग्राम विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। जिसमें महामाया मंदिर निर्माण हेतु 4 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपए तथा सामुदायिक सामान व्यवस्था हेतु 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई। घोषणा होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
ग्रामवासियों ने कहा कि धार्मिक आयोजन के साथ विकास कार्यों की सौगात मिलना गांव के लिए सौभाग्य की बात है। कथा आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जहाँ भजन-कीर्तन, प्रसादी एवं धर्ममय वातावरण ने सभी को भावविभोर कर दिया।
यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति और ग्राम विकास का अद्भुत संगम बनकर उभरा।
रिपोर्टर – सत्येंद्र बंजारे की खास रिपोर्ट



