Explore

Search

August 4, 2026 9:59 am

Our Social Media:

द राम भक्त

सनातन मर्यादा का प्रतीक

द राम भक्त

सनातन मर्यादा का प्रतीक

best news portal development company in india

एस.एन.सी.यू. बेमेतरा बना नवजातों के लिए वरदान: 1700+ बच्चों को मिला नया जीवन

एस.एन.सी.यू. बेमेतरा बना नवजातों के लिए वरदान: 1700+ बच्चों को मिला नया जीवन

 

*1300 ग्राम के जुड़वां प्रीमैच्योर बच्चों का सफल उपचार, 16 दिन में स्वस्थ होकर घर लौटे*

*बेमेतरा, 23 मई 2026।* जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित *स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU)* नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। अब तक *1700 से अधिक गंभीर नवजात शिशुओं* का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया जा चुका है।

 

*किन बीमारियों का होता है इलाज*

SNCU नोडल अधिकारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार निराला ने बताया कि यूनिट में जन्म के तुरंत बाद न रोना, देर से रोना, मेकोनियम एस्पिरेशन, पीलिया, सांस लेने में तकलीफ, शॉक, मस्तिष्क संबंधी गंभीर समस्या, जन्मजात विकृति, हाइपरथर्मिया, हाइपोग्लाइसीमिया, नवजात को झटके आना, ब्लीडिंग, डायरिया आदि गंभीर बीमारियों से ग्रसित नवजात भर्ती होते हैं।

 

*प्रीमैच्योर व कम वजन के 250 बच्चों को बचाया*

नवजातों के भर्ती होने का प्रमुख कारण *प्रीमैच्योर डिलीवरी व जन्म के समय कम वजन* होना है। ऐसे बच्चों को बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और लंबे समय तक विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है। विगत 5 वर्षों में SNCU में लगभग *250 प्रीमैच्योर व कम वजन के बच्चे* भर्ती हुए, जिनका डॉ. दीपक कुमार निराला व डॉ. नितेश चौबे द्वारा सफल इलाज कर डिस्चार्ज किया गया।

 

*माताओं की काउंसिलिंग भी:* SNCU में मदर यूनिट बनाई गई है जहां माताओं को भर्ती रखकर नवजात की सही देखभाल, स्तनपान कराने की विधि, दूध पिलाने के बाद डकार दिलाने का महत्व व *कंगारू मदर केयर (KMC)* की ट्रेनिंग दी जाती है।

 

*सक्सेस केस: 1300 ग्राम के जुड़वां बच्चों को बचाया*

दिनांक 08/04/2026 को ग्राम खाती, तह. थानखम्हरिया निवासी *श्रीमती पूर्णिमा मिर्झा पति बिरेन्द्र मिर्झा* ने जिला चिकित्सालय बेमेतरा में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। जन्म के समय दोनों बच्चों की हालत बेहद नाजुक थी। पहले बच्चे का वजन *1500 ग्राम* व दूसरे बच्चे का वजन *1300 ग्राम* था।

 

दोनों नवजातों को तुरंत SNCU में भर्ती कर शिशु रोग विशेषज्ञ *डॉ. नितेश चौबे व टीम* द्वारा उच्च स्तरीय उपचार शुरू किया गया। 16 दिनों के सतत उपचार व देखभाल के बाद पहले बच्चे का वजन बढ़कर *2000 ग्राम* व दूसरे बच्चे का वजन *1800 ग्राम* हो गया। दोनों बच्चों को पूर्णतः स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। फॉलोअप में भी दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए।

 

*24×7 कार्यरत है विशेषज्ञ टीम*

जिला चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में संचालित SNCU वार्ड में कार्यरत डॉक्टर और स्टाफ विशेष प्रशिक्षित हैं। वर्तमान में *डॉ. दीपक कुमार निराला शिशु रोग विशेषज्ञ (नोडल)* एवं *डॉ. नितेश कुमार चौबे शिशु रोग विशेषज्ञ* के नेतृत्व में टीम कार्यरत है।

 

*SNCU टीम:* 6 स्टॉफ नर्स – ओमप्रकाश साहू, चंद्रिका साहू, टिकेश्वरी, मधु, भावना, रितु सप्रे। सेक्रेट्रियल असिस्टेंट – शिम्पी बनर्जी। 3 आया – रूखमणि, ऋतु, किरण। 3 वार्डबॉय – इंद्रजीत, पदुम, अनिल। ये सभी शिफ्ट अनुसार 24 घंटे भर्ती नवजातों की निगरानी कर टीम वर्क व अपनत्व भावना से कार्य करते हैं।

 

सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू ने SNCU टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय बेमेतरा नवजात मृत्यु दर कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

Leave a Comment

Advertisement
Pelli Poola Jada Accessories
लाइव क्रिकेट स्कोर
best news portal development company in india