कांग्रेस नेता, पत्रकार व तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोर्ट ने सजासुनाई
द राम भक्त बेमेतरा/नवागढ़ /मारो-
नवागढ़ विधानसभा के नगर पंचायत मारो के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कांग्रेस शासन काल के समय वर्ष 2020 में महिला डॉक्टर) प्रीतिमा जांगड़े से दुर्व्यवहार एवं जाति सूचक व धमकी का बहुचर्चित मामला दर्ज हुआ था ।
इस मामले में कांग्रेस नेता पत्रकार व स्वास्थ्य विभाग के तीन कर्मचारी पर एएफआरआई दर्ज कर आरोपी बनाया गया था। 4 साल बाद जिला सत्र न्यायाधीश बृजेन्द्र सिंह शाखी ने फैसला देते हुए पांचों अभियुक्त जनों में शामिल कांग्रेस नेता व पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष धीरू जितेंद्र तिवारी, पत्रकार विनय ठाकुर, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लाला राम साहू, कैलास गायकवाड, पीटर खरे को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। जिला सत्र न्यायाधीश ने तीन अभियुक्त धीरू जितेंद्र तिवारी, विनय ठाकुर और लालाराम साहू को जहां धारा 294 506 एवं 186/34
भारतीय दंड संहिता की धारा 296, 351, (2) एवं 221/3(5) एवं अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(1) (द) और 3(1) (घ एक था के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए चार साल की सश्रम कारावास ओर 2000 रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया। न्यायालय ने अलग अलग धाराओं पर अभियुक्तों को सजा दी है। वही दो आरोपी कैलाश गायकवाड एवं पीटर खरे को धारा 294 व धारा 186/34 भारतीय दंड संहिता के तहत एक-एक माह का साधारण कवास और 500 रुपए का अर्थ दंड लगाया।
न्यायालय ने अपनी फैसले में कहा कि अभियुक्त जनों ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया, धमकी देकर शासकीय गोपनीय दस्तावेज को बिना अनुमति फोटो खींचकर इधर-उधर फेंक देना एवं दस्तावेज चोरी कर छेड़छाड़ करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया इसके अलावा अभियुक्तगणों ने प्रार्थी को अनुसूचित जाति का होना जानते हुए अपमानित किया गया।


