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मरम्मतधीन पुल बना मौत का जाल? सूचना बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में हर दिन खतरे से गुजर रहे राहगीर…

नवागढ़-छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत केसला और मल्दा के बीच केकराल नाला पर बने पुल की मरम्मत का कार्य इन दिनों चल रहा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी प्रकार का सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही आम लोगों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में यह पुल राहगीरों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि दुर्घटना का खतरा बनता जा रहा है।
मौके पर देखा जा सकता है कि पुल की सतह से लोहे के सरिए (रॉड) बाहर निकले हुए हैं, जिनसे किसी भी समय दोपहिया वाहन चालक, साइकिल सवार या पैदल राहगीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की ओर से चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, सुरक्षा टेप या वैकल्पिक मार्ग जैसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आती।
ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और ठेकेदार की होगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है तो सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा? आखिर बिना सूचना बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था के निर्माण कार्य कराने की अनुमति किसने दी? क्या प्रशासन किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
जनहित से जुड़े इस गंभीर मामले में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड, बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, रात्रि में रिफ्लेक्टर एवं सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी भी निर्दोष राहगीर की जान जोखिम में न पड़े।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब तक कार्रवाई करते हैं और आम जनता की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। क्योंकि विकास कार्य तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसके साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।


