कटई के वार्ड 07-08 में जलभराव का संकट, जहरीले सांपों के बीच जीने को मजबूर ग्रामीण

बेमेतरा – नवागढ – क्या विकास सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है? क्या ग्रामीणों की जान की कीमत प्रशासन के लिए कुछ भी नहीं? छत्तीसगढ़ के नवागढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कटई के वार्ड क्रमांक 07 और 08 में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोग जहरीले सांपों और गंदे पानी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कब जागेंगे?
ग्राम पंचायत कटई के वार्ड क्रमांक 07 और 08 में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पूरी गली महीनों से जलमग्न है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान बनाई गई नालियां अधूरी और अव्यवस्थित छोड़ दी गईं, जिसके कारण पूरे वार्ड का पानी बीच बस्ती में जमा हो रहा है।
जलभराव ने अब लोगों की जान पर बन आई है। ग्रामीणों के अनुसार गली में भरे पानी के भीतर जहरीले सांप और अन्य विषैले जीव छिपे रहते हैं। हाल ही में बुजुर्ग बिहारी राम गली पार करते समय सर्पदंश का शिकार हो गए। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई, लेकिन अगर थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों का कहना है कि अब घर से बाहर निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और पूरा वार्ड भय के माहौल में जीने को मजबूर है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब समस्या इतनी गंभीर है तो पंचायत, जनपद और जिला प्रशासन आखिर अब तक मौन क्यों है? क्या किसी बड़ी जनहानि का इंतजार किया जा रहा है? ग्रामीणों ने हल्का पटवारी, तहसीलदार, एसडीएम और जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद अब मीडिया के माध्यम से न्याय की अपील की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करता है या फिर वार्ड क्रमांक 07 और 08 के लोग यूं ही गंदे पानी और जहरीले सांपों के साये में जीने को मजबूर रहेंगे। सवाल साफ है—अगर किसी की जान चली गई, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?


