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August 4, 2026 7:26 am

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द राम भक्त

सनातन मर्यादा का प्रतीक

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अपने वेतन से बांटे सपनों के रंग: सहायक शिक्षक अनिल कुमार मौर्य की अनूठी पहल बनी शिक्षा जगत की प्रेरणा…

अपने वेतन से बांटे सपनों के रंग: सहायक शिक्षक अनिल कुमार मौर्य की अनूठी पहल बनी शिक्षा जगत की प्रेरणा…

*”कलम की रोशनी जब हर हाथ तक पहुंच जाती है,*

 

*तभी हर बस्ती ज्ञान की नई सुबह सजाती है।*

 

*जो शिक्षक बच्चों के सपनों को अपना मान ले,*

 

*वही राष्ट्र निर्माण की सच्ची मिसाल कहलाती है।”*

 

*सरकार के संकल्प को साकार करता एक समर्पित शिक्षक*

 

 

कांकेर – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा “हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” पहुंचाने के संकल्प को धरातल पर उतारने में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला पीवी-129 में पदस्थ प्रभारी सहायक शिक्षक अनिल कुमार मौर्य ने अपने वेतन से कॉपी, पेन, पेंसिल, शीश पेंसिल और स्टिकर खरीदकर विद्यार्थियों में वितरित किए। उनकी यह पहल शिक्षा के प्रति समर्पण और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण बन गई है।

 

*अधिकारियों के निर्देशों को बनाया अपना संकल्प*

 

शिक्षा विभाग के समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एवं जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के मार्गदर्शन और निर्देशों को आत्मसात करते हुए शिक्षक अनिल कुमार मौर्य पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। उनकी यह पहल दर्शाती है कि जब शिक्षक प्रशासन की मंशा को सेवा भाव से जोड़ देते हैं, तब सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि बच्चों के जीवन में बदलाव लाती हैं।

 

*”न धन सबसे बड़ा होता, न दौलत की पहचान,*

 

*शिक्षा से ही खिलता है हर बच्चे का सम्मान।*

 

*जो गुरु ज्ञान का दीप जलाता है हर द्वार,*

 

*वही लिखता है राष्ट्र के सुनहरे भविष्य का संसार।”*

 

 

 

*आज का विद्यार्थी ही कल का भारत है’*

 

बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित करते हुए शिक्षक अनिल कुमार मौर्य ने कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित विद्यालय आने, अनुशासन के साथ अध्ययन करने तथा अपने माता-पिता, परिवार, समाज, राज्य और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के कर्णधार हैं और उन्हें अपने ज्ञान, संस्कार, मेहनत एवं अनुभव से समाज के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।

 

 

*बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, शिक्षक को मिला सम्मान*

 

अध्ययन सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। शिक्षक ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, बेहतर शिक्षा और समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।

 

 

 

*”गुरु वही जो राह दिखाए, सपनों को आकार दे,*

 

*हर नन्हे मन में विश्वास और हौसलों का संचार दे।*

 

*जिस विद्यालय में ऐसे शिक्षक हों हर बार*

 

*वहीं से निकलते हैं देश के सच्चे कर्णधार।*

 

 

 

 

*प्रेरणा की मिसाल बना सेवा का यह भाव*

 

अनिल कुमार मौर्य की यह पहल बताती है कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नींव भी रखता है। ऐसे शिक्षक प्रदेश सरकार की शिक्षा सुधार की सोच को मजबूती देते हुए यह संदेश दे रहे हैं कि राष्ट्र निर्माण की शुरुआत विद्यालय से होती है और विद्यालय की आत्मा उसका समर्पित शिक्षक होता है।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

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