खबर पर खबर, फिर भी कार्रवाई नहीं! आखिर नवागढ़ में सट्टे पर किसका संरक्षण?

नवागढ़, बेमेतरा। नवागढ़ थाना क्षेत्र में कथित रूप से बस स्टैंड से लेकर कई स्थानों तक खुलेआम सट्टा संचालन की चर्चाएं जोरों पर हैं। हैरानी की बात यह है कि मामले को लेकर खबरें प्रकाशित होने के बाद भी अब तक कोई बड़ी या प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जनता के बीच कई सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक मंचों तक पहुंच चुकी है, तब भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं? क्या पुलिस को जानकारी नहीं है, या फिर जानकारी होने के बावजूद अनदेखी की जा रही है?
कार्रवाई के अभाव में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से सट्टा कारोबार पर पुलिस का डंडा नहीं चल पा रहा है। यदि कानून सबके लिए बराबर है तो फिर अवैध कारोबार करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई सामान्य व्यक्ति छोटी सी गलती करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो जाती है, लेकिन जब बात कथित सट्टा कारोबार की आती है तो प्रशासन की सक्रियता दिखाई नहीं देती। इससे पुलिस की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
*आखिर नवागढ़ में कानून का राज चलेगा या सट्टा कारोबारियों का?*
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि खबरों के प्रकाशन के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो जनता के मन में यह धारणा बन सकती है कि कहीं न कहीं व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
अब पूरे क्षेत्र की नजर नवागढ़ थाना और बेमेतरा पुलिस प्रशासन पर टिकी हुई है। देखना होगा कि पुलिस इस मामले में जांच कर ठोस कार्रवाई करती है या फिर यह मामला भी फाइलों और औपचारिक जवाबों में दबकर रह जाएगा।
जनता के सवाल
खबर प्रकाशित होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या पुलिस को अवैध गतिविधियों की जानकारी नहीं है?
यदि जानकारी है तो कार्रवाई में देरी किस बात की?
क्या कानून का डर केवल आम लोगों के लिए है?
आखिर नवागढ़ में सट्टा कारोबार पर लगाम कब लगेगी?
अब जनता जवाब नहीं, कार्रवाई देखना चाहती है।


