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August 4, 2026 9:56 am

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13 लाख या 6.75 लाख…? बैकुंठपुर के संपत्ति सौदे में रकम को लेकर उलझे दावे, आखिर सच क्या है?…

13 लाख या 6.75 लाख…? बैकुंठपुर के संपत्ति सौदे में रकम को लेकर उलझे दावे, आखिर सच क्या है?…

*नजूल भूमि स्थित मकान के सौदे में भुगतान, बकाया राशि और चेक विवाद को लेकर दोनों पक्षों के दावों ने खड़े किए कई सवाल, मामला न्यायालय में विचाराधीन*

रायगढ़ – बैकुंठपुर क्षेत्र स्थित एक मकान के क्रय-विक्रय से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वर्ष 2023 में हुए इस सौदे को लेकर क्रेता और विक्रेता पक्ष के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धांगरडीपा-बाउलीकुंआ क्षेत्र स्थित नजूल भूमि पर बने लगभग 775 वर्गफुट के मकान का सौदा 15 लाख रुपये में तय होने की बात कही गई है। बताया जाता है कि रकम के भुगतान और शेष बकाया राशि को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति के आधार पर दस्तावेज भी तैयार किए गए थे।मामले में एक पक्ष का दावा है कि तय राशि के अनुसार भुगतान किया गया, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि भुगतान पूरी तरह प्राप्त नहीं हुआ। विवाद तब और गहरा गया जब लेन-देन के दौरान दिए गए कुछ चेकों के भुगतान को लेकर मतभेद सामने आए। जानकारी के अनुसार, कुछ चेकों का भुगतान हो चुका है, जबकि अन्य चेकों से संबंधित विवाद न्यायालय तक पहुंच गया है।उठ रहे हैं कई सवाल
आखिर संपत्ति सौदे की वास्तविक भुगतान राशि कितनी थी?
क्या दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की शर्तों को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं की जा रही हैं?
बकाया राशि को लेकर उत्पन्न विवाद की वास्तविक वजह क्या है?
क्या दस्तावेजों और भुगतान संबंधी अभिलेखों से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी?
दोनों पक्षों के दावों में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है?
सूत्रों के अनुसार, चेक भुगतान से संबंधित प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, प्रस्तुत शिकायत को प्रारंभिक स्तर पर आपसी आर्थिक लेन-देन का मामला बताया गया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम सत्य और दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए मामले से जुड़े सभी पक्षों के दावों को न्यायिक निष्कर्ष आने तक आरोप या निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
यह प्रारूप तथ्यों पर आधारित है, किसी पक्ष को दोषी नहीं ठहराता, तथा न्यायालय और पुलिस प्रक्रिया का सम्मान करते हुए केवल सार्वजनिक हित के प्रश्नों को सामने रखता है।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

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