आधी रात को डंडे के दम पर किसने डाली श्मशान जाने वाले मार्ग पर मिट्टी..?

तहसीलदार के बेदखली आदेश का खुला उल्लंघन, आखिर किसके संरक्षण में हो रहा कब्जा..?
बेमेतरा ।
बेमेतरा – बेमेतरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत भुरकी इन दिनों भय, दबाव और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। गांव में आम जनता की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी अब कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आधी रात को डंडे के दम पर श्मशान घाट जाने वाले सार्वजनिक मार्ग पर मिट्टी डालकर रास्ता बाधित कर दिया गया। इतना ही नहीं, मनरेगा योजना से बनी सड़क, मुरूम मार्ग और विधायक निधि से निर्मित सीसी रोड तक को उखाड़ दिए जाने की बात सामने आ रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब तहसीलदार द्वारा बेदखली आदेश जारी किया जा चुका है, तब आखिर किसके संरक्षण में खुलेआम आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं..?
ग्रामीणों के अनुसार मामले की शिकायत जनपद पंचायत बेमेतरा से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही अवैध कब्जा हटाने की गंभीर पहल दिखाई दी। इससे गांव में डर और तनाव का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि श्मशान घाट का रास्ता बाधित होना केवल रास्ते का विवाद नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर मामला है। यदि किसी परिवार में दुखद घटना हो जाए, तो अंतिम संस्कार तक के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अब सवाल जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठने लगे हैं—
क्या प्रशासन किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है..?
क्या तहसीलदार के आदेश केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे..?
और आखिर आम जनता की आवाज सुनने वाला कौन है..?
यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ सकता है। गांव के लोगों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग बहाल करने, अवैध कब्जा हटाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


