शराब दुकान में खुलेआम वसूली और अवैध सप्लाई,विभाग बना मूकदर्शक
ग्राहकों से मनमानी वसूली, वीडियो वायरल के बावजूद कार्रवाई शून्य
द राम भक्त कोहलगांव – दुर्गुकोंदल की अग्रेजी शराब दुकान इन दिनों अवैध वसूली और मनमानी विक्री के कारण विवादों में घिरी हुई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान में तयशुदा मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है। सल्लामैन ग्रहकों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं. और विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवाद का वीडियो
हाल ही में दुकान के मैनेजर का एक पीड़ियो सोशल मीडिया पर शयरल हुआ, जिसमें वह नशे की हालत में ग्राहक से झगड़ता दिख रहा है। ग्राहक से वोदका के क्वार्टर पर 20 रुपए अतिरिक्त वसूले जाने पर विवाद हुआ, जबकि बोतल पर अंकित मूल्य 180 रुपए था और 200 रुपए लिए गए। यह वीडियों अब आम जन चर्चा का विषय बन चुका है, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
कोचियों के जरिए गांव-गांव हो रही शराब सप्लाई
स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब दुकान से कोचियों के माध्यम से गांव-गांव शराब की अवैध सप्लाई की जा रही है। इससे ग्रामीण अंचलों में शराब की सहज उपलब्धता बढ़ी है, जिससे
सामाजिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़,
रहा है। लोगों ने इस मामले में आबकारी विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाया है और कहा है कि दुकानदारों की विभाग का संरक्षण प्राप्त है।
विभाग पर मिलीभगत के आरोप, शिकायतों पर भी नहीं हो रही कार्रवाई,
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग पूरी तरह मौन है। जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, और ऊपर से नीचे तक कमीशन का खेल चल रहा है। कई लोगों ने आबकारी विभाग के प्रबंध निदेशक श्याम लाल घावड़े को भी द्वापन सौंपा, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
नकली और मिलावटी शराब
की आशंका,
कोचियों के जरिए बेची जा रही शराब में मिलावट की भी शिकायतें सामने आई है। धारामा निकासी एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने बोतल में पानी मिलाने की बात कही। आरोप है कि सस्ते और अधिक विकने वाले ब्रांड में मिलावट कर मुनाफा कमाया जा रहा है। ग्राहकों को नकली और घटिया शराब परोसी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
डर के कारण सामने नहीं आ रहे पीड़ित,
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शराब पीने व बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं करवाते, आबकारी विभाग को इन शिकायतों को नजरअंदाज करने का मौका मिल जाता है। अधिकारी मैनेजर और कर्मचारियों को संरक्षण देते नजर आते हैं।
ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान में ओवररेटिंग पर तत्काल रोक लगे। कोचियों के जरिए की जा रही अवैध सप्लाई बंद हो। दोषी मैनेजर और सेल्समैन को तकाल हटाया जाए। शराब की गुणवत्ता की जांच कर मिलावट पर कठोर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगाँ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम
नहीं उठाए गए, तो वे विरोध प्रदर्शन और जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे।


