तहसील के सामने 5 दिन से बैठा इंसाफ का इंतजार करता इंसान…

“कानून खो गया और न्याय सो गया,
हालात देखकर उम्मीद भी रो गया…
फिर भी इंसाफ की आस लिए,
एक इंसान तहसील के सामने अकेला खड़ा हो गया…!”
बेमेतरा – तहसील कार्यालय के सामने इंसाफ की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पांचवें दिन में पहुंच गई…
जहां एक व्यक्ति अकेले बैठकर न्याय की गुहार लगा रहा है।
हाथों में तख्ती… आंखों में उम्मीद…
लेकिन अब तक जिम्मेदारों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
हड़ताल पर बैठे व्यक्ति का कहना है कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला…
जिसके बाद मजबूर होकर उसने आंदोलन का रास्ता चुना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया…
तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
अब देखना होगा कि आखिर प्रशासन कब जागेगा…
और इंसाफ की यह पुकार कब सुनी जाएगी।
“5 दिन से अकेला धरने पर!”
या
“इंसाफ के लिए तहसील के सामने हड़ताल!”
“न्याय की आस में अकेला आंदोलन… 5 दिन से तहसील के सामने धरना!”
“कानून सो गया क्या? इंसाफ के लिए युवक का अनिश्चितकालीन धरना”


