“टिका राम गरीब की गुहार… आखिर कौन सुनेगी सरकार?”

“जिसने मेहनत से बनाया था आशियाना अपना…
एक चिंगारी ने छीन लिया सब कुछ सपना…
अब खुले आसमान के नीचे बैठा पूछ रहा गरीब इंसान…
आखिर उसकी पुकार सुनेगा कौन — इंसान या सरकार…?”
छत्तीसगढ़ के नवागढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मेढ़की के आश्रित गांव कुरवा से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है…
जहां दोपहर की तपती गर्मी में फसल अवशेष जलाने वाले की कथित लापरवाही ने गरीब टिका राम ओगरे के पूरे परिवार को सड़क पर ला दिया।
देखते ही देखते आग ने ऐसा विकराल रूप लिया कि टिका राम का आशियाना, घर का सामान, कपड़े, अनाज और वर्षों की मेहनत… सब जलकर राख हो गया।
आज हालत यह है कि परिवार के पास
ना रहने को घर…
ना खाने को अनाज…
और ना शरीर ढंकने के लिए पर्याप्त कपड़े बचे हैं।
पीड़ित परिवार अब दूसरों के घर में शरण लेकर जिंदगी काटने को मजबूर है।
गांव के कुछ रहमदिल लोगों ने खाने को राशन दिया… किसी ने कपड़े दिए… तो किसी ने सिर छुपाने की जगह…
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक…?
क्या प्रशासन पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देगा…?
क्या लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी…?
या फिर गरीब टिका राम की गुहार भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी…?
“गरीब का घर जला है साहब… सिर्फ दीवारें नहीं,
उसके सपने, उसकी उम्मीदें और बच्चों का भविष्य भी राख हुआ है…!”


