“कागज़ों में भर गया हर थाली का सम्मान,
जमीन पर भूखा खड़ा है आज भी इंसान…!”

रायपुर /छत्तीसगढ़ – बेमेतरा – खबर छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से… जहां खाद्य विभाग पर उठ रहे हैं बेहद गंभीर सवाल।
यहां हितग्राहियों से तीन महीने का थम तो लिया जा रहा है…
लेकिन बदले में दिया जा रहा है सिर्फ एक महीने का राशन।
यानि… कागजों में वितरण पूरा…
लेकिन हकीकत में गरीबों की थाली खाली।
जमीनी सच्चाई
हितग्राहियों का कहना है—
“तीन महीने का अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन चावल एक महीने का ही मिलता है…”
बड़े सवाल
क्या सरकारी गोदाम खाली हैं…?
या फिर सिस्टम में कहीं बड़ा खेल चल रहा है…?
या खाद्य मंत्री के ही गृह जिले में उन्हें बदनाम करने की साजिश…?
जिम्मेदारी किसकी?
जब कागजों में सब कुछ सही है…
तो जमीन पर ये गड़बड़ी क्यों…?
आखिर गरीबों के हक पर ये डाका कौन डाल रहा है…?
“हक जो मिला था जीने का, वो भी छीन लिया गया,राशन की लाइन में खड़ा गरीब… फिर से ठगा गया…!”
अब देखना होगा… जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है… या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा तो यह खबर जरूर देखें…


