6-7 माह बाद भी कार्रवाई नहीं: नवागढ़ की शिकायत पर उठे सवाल…

रायपुर – बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा एक मामला फिर चर्चा में है, जहां नवनिर्वाचित सरपंचों ने पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कुछ तथाकथित पत्रकारों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस शिकायत में आरोप था कि कुछ लोग पत्रकारिता के नाम पर अनुचित गतिविधियों में संलिप्त हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की छवि प्रभावित हो रही है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ा जब पत्रकार संघ ने भी आगे आकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने 7 दिनों के भीतर जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
लेकिन अब, लगभग 6-7 माह बीत जाने के बावजूद न तो जांच की स्थिति स्पष्ट हुई है और न ही किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
*ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं*
क्या जांच किसी दबाव में ठंडी पड़ गई?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर किसी प्रकार का प्रभाव है?
या फिर यह मामला सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रह गया?
*स्थानीय स्तर पर मुद्दा फिर चर्चा का विषय..*
स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा फिर से चर्चा में है और लोगों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, ताकि न केवल दोषियों को सजा मिले बल्कि निर्दोष लोगों की भी छवि स्पष्ट हो सके।
फिलहाल, नवागढ़ क्षेत्र के लोग अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर उस जांच का क्या हुआ, जिसकी समयसीमा सिर्फ 7 दिन तय की गई थी। क्या प्रशासन इस पर स्पष्ट जवाब देगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा—यह आने वाला समय ही बताएगा।


