बेमेतरा में मंडी शुल्क की बड़ी गड़बड़ी? ट्रकों से हो रहा अवैध परिवहन, जिम्मेदार मौन

बेमेतरा – बेमेतरा जिले में इन दिनों कृषि उपज के परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी के सामने ही बिना मंडी शुल्क चुकाए बड़ी मात्रा में अनाज और अन्य उपज का परिवहन खुलेआम किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अनुज्ञा प्राप्त व्यापारी और कथित कोचिए बड़े-बड़े ट्रकों के जरिए माल की खपत कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हैं।
*क्या है पूरा मामला*
गौतलब हो कि बेमेतरा जिले के चारो विकासखंड के मंडी क्षेत्र व दायरो तथा नियमों को दरकिनार कर कृषि उपज मंडी के सामने से सीधे ट्रकों में भरकर बाहर भेजी जा रही है। इसमें न तो मंडी शुल्क जमा हो रहा है और न ही वैध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जबकि नियमों के अनुसार हर अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री पर मंडी शुल्क और अन्य शुल्क देना अनिवार्य होता है।
*कैसे हो रहा खेल*
अनुज्ञा प्राप्त व्यापारी और स्थानीय कोचिए मिलकर नेटवर्क बना रहे हैं
मंडी के बाहर या सामने से ही सीधे ट्रकों में लोडिंग,फर्जी बिल, बिल्टी और दस्तावेजों का इस्तेमाल
जांच से बचने के लिए रात या सुबह जल्दी परिवहन,ऐसे मामलों में पहले भी सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए मंडी शुल्क की चोरी कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया जाता है।
*सवालों के घेरे में अधिकारी*
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब इतना बड़ा परिवहन खुलेआम हो रहा है तो:
मंडी निरीक्षक क्या कर रहे हैं?
उड़नदस्ता टीम की जांच क्यों नहीं हो रही?
क्या अधिकारियों की मिलीभगत है या कमीशन का खेल?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है।
*सरकार को नुकसान मंडी शुल्क की चोरी से*
सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान
किसानों के हित प्रभावित
वैध व्यापारियों के साथ अन्याय
*नियम क्या कहते हैं:-*
हर कृषि उपज के परिवहन पर वैध अनुज्ञा और दस्तावेज जरूरी
मंडी शुल्क का भुगतान अनिवार्य
फर्जी दस्तावेज या चोरी पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द तक हो सकता है।
*अब क्या होना चाहिए*
मंडी क्षेत्र में सघन जांच अभियान
ट्रकों की रैंडम चेकिंग
संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय
दोषी व्यापारियों और कोचियों पर FIR
*जनहित का सवाल*
अगर मंडी के सामने ही नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, तो अंदर क्या हो रहा होगा?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करता है या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।


