नवभारत साक्षरता के तहत 22 लोगों ने दिलाई परीक्षा शासकीय प्राथमिक शाला बैजी (L)

आज दिनांक 22 मार्च 2026 दिन रविवार को शासकीय प्राथमिक शाला बैजी (L) विकास खंड बेमेतरा जिला बेमेतरा में राष्ट्रव्यापी महा परीक्षा उल्लास योजना के तहत असाक्षर लोगों का परीक्षा आयोजित किया गया जिसमें ग्राम के असाक्षर महिला एवं पुरुष ने बढ़-चढ़कर भाग लिया जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही सभी उत्साह पूर्वक इस महा परीक्षा में भाग लिए सबसे पहले संस्था के प्रधान पाठक श्री ईश्वरी प्रसाद घृतलहरे के द्वारा सभी असाक्षर लोगों को पेन देकर एवं गुलाल लगाकर स्वागत किया गया तत्पश्चात सभी प्रशिक्षार्थियों को उनके सुविधा के अनुसार कतारबद्ध एक कक्ष में बिठाया गया जहां पर पेयजल की एवं अन्य सुविधाओं की उचित व्यवस्था की गई थी यहां सभी पंजीकृत प्रशिक्षारथी उपस्थित रहे प्रधान पाठक व केंद्र अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद घृतलहरे के द्वारा सभी प्रशिक्षार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों एवं आगंतुक टीम के लिए नाश्ता व फलो एवं भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। शिक्षा विभाग के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पता चला था कि यहां दिल्ली से टीम व जेडी दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा एवं शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी
निरीक्षण के लिए पहुंचेंगे यह सूचना मिला था किंतु किसी कारणवश वह टीम नहीं आ पाए किंतु इस दौरान शिक्षा विभाग से विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कामिनी महिलांग एवं एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री राजेंद्र साहू जी अवलोकन करने पहुंचे जिनका भी भव्य स्वागत किया गया यहां की उचित व्यवस्था को देख कर बहुत ही खुश हुए संकुल समन्वयक श्री इमरान अब्दुल खान सुबह 10:00 बजे से ही व्यवस्था में विशेष ध्यान रख रहे थे एवं अपना सुझाव बार-बार दे रहे थे।और प्रधान पाठक श्री ईश्वरी प्रसाद घृतलहरे एवं सभी स्टॉप के कार्य की काफी सराहना की। यहां पर प्रशिक्षार्थी सत प्रतिशत उपस्थित रहे। स्वयंसेवी शिक्षक श्री नितेश कुमार यदु एवं डोमन वर्मा ने भी अपना सहयोग प्रदान किया शासकीय प्राथमिक शाला बैजी के स्टॉप प्रधान पाठक व केंद्र अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद घृतलहरे,शत्रुघ्न साहू, उनीशा सिंह ,भारती वर्मा जी, एवं शाला विकास प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री गितेश्वर वर्मा जी उपसरपंच प्रेमु वर्मा जी रसोईया श्रीमती राधा वर्मा जी श्रीमती मंजू यादव जी एवं सफाई कर्मचारी श्री हरिश्चंद्र यादव जी आदि लोगों का विशेष सहयोग रहा एवं प्रधान पाठक ईश्वरीप्रसाद घृतलहरे ने अंतिम में सभी का आभार प्रकट किया।


