सप्तमी तिथि पर 9 कन्याओं को कराया भोज
शक्ति मंदिर में आस्था के 477 ज्योति प्रज्ज्वलित
अष्टमी आज : शक्ति मंदिर में दोपहर 3 बजे से हवन

मुरता। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर नवागढ़ विधानसभा मुख्यालय से मुरता मार्ग स्थित श्री सिद्ध शिव शक्ति मंदिर, चांदाबन में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां भक्तों द्वारा कुल 477 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं, जिनमें 433 तेल ज्योति कलश और 34 घृत ज्योति कलश शामिल हैं। मंदिर परिसर इन दिनों आस्था के प्रकाश से आलोकित है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
बुधवार को सप्तमी तिथि के अवसर पर 9 कन्याओं का विधिवत पूजन एवं भोजन कराया गया। इइस दौरान पंडित कमलेश कुमार शर्मा, पं भरत प्रसाद दुबे, संचालक चैन साहू, अर्जुन साहू, तिजऊ साहू, तुकाराम साहू, मनोज पाल, बिहारी साहू, विक्रम साहू, तिलक बैगा आदि मौजूद रहे।
मंदिर समिति के व्यवस्थापक चैन साहू ने बताया कि गुरुवार को महाअष्टमी के अवसर पर विशेष हवन-पूजन दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगा। हवन के पश्चात माता की भव्य आरती संपन्न होगी। आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुजारी कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि महाष्टमी के अवसर पर माँ शक्ति की विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
अष्टमी पूजा का विशेष महत्व
चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की आराधना से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और दांपत्य जीवन सुखमय बनता है। पारिवारिक कलह समाप्त होने की भी मान्यता है।
सफलता और विजय की मान्यता
पुराणों के अनुसार, माता सीता ने भगवान राम को पाने के लिए मां महागौरी की ही पूजा की थी। ज्योतिष शास्त्र में अष्टमी तिथि को बलवती और व्याधि नाशक तिथि माना गया है, जिसे ‘जया तिथि’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्यों में सफलता और विजय अवश्य प्राप्त होती है।
फोटो कैप्शन: मंदिर परिसर में 9 कन्याओं का कराया गया भोज।


