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लखपति दीदी की कहानी – दीदी की जुबानी

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*स्व सहायता समूह से जुड़कर बदली श्रीमती पुष्पा साहू की जिंदगी*

 

*बेमेतरा 10 मार्च 2026:-* जिले के ग्राम नीनवा, विकासखंड बेमेतरा की निवासी श्रीमती पुष्पा साहू आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी आर्थिक तंगी और अभावों में जीवन यापन करने वाली पुष्पा साहू ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है। पुष्पा साहू बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर थी। घर की आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर थी। सीमित आय के कारण परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। ऐसे कठिन समय में उन्हें ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित महिला स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिली और वर्ष 2020 में उन्होंने समूह की सदस्यता ग्रहण की।

समूह से जुड़ने के बाद पुष्पा साहू को बचत की आदत, सामूहिक कार्य प्रणाली और आर्थिक प्रबंधन की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से उन्हें आरएफ (रेवोलविंग फण्ड ) और सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फण्ड ) की राशि उपलब्ध हुई। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने घर के आसपास बाड़ी विकास (किचन गार्डन) का कार्य प्रारंभ किया। बाड़ी विकास के माध्यम से उन्होंने विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन शुरू किया, जिससे एक ओर परिवार को ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिलने लगीं, वहीं अतिरिक्त सब्जियों को स्थानीय बाजार में बेचकर आय का एक नया स्रोत भी तैयार हो गया। धीरे-धीरे उनकी आमदनी में वृद्धि होने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा।

 

पुष्पा साहू कहती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आत्मविश्वास और नई पहचान मिली है। समूह की बैठकों में उन्हें वित्तीय साक्षरता, बचत, ऋण प्रबंधन तथा स्वरोजगार से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनका लाभ उन्होंने अपने जीवन में उठाया। आज पुष्पा साहू अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। वे अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

 

ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का यह एक सफल उदाहरण है। श्रीमती पुष्पा साहू की कहानी यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिले, तो वे अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन सकती हैं।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

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