अपराध पर अंकुश या बढ़ावा जवाबदार थाना प्रभारी की नापाक इरादे…

बेमेतरा – सवाल तब बनता है जब कोई जवाबदार के काम काज और उनके जिम्मेदारी पर सवाल खड़े होने लगे तो जवाब और सतर्क भी रहने की जरूरत होती है क्योंकि कानून का डंडा अपने पद और पावर का ग़लत इस्तेमाल होने लगे तो जनप्रतिनिधि क्या आम जनता भी सदमे में जीवन जीने बेबस हो जाते हैं।आखिर किस थाना प्रभारी के आने के बाद जमकर गांजा और सट्टेबाजी को बढाया मिला जिनके कथनी और करनी में काफी अंतर है ऐसे थाना प्रभारी कारनामे से पुलिस कप्तान कैसे शांत बैठे हुए है। ऐसे थाना प्रभारी को किस मंसुबे को अंजाम देने लाया गया । किस जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपराध दर्ज करवाने का दावा किया गया सब जल्द होगा खुलासा। साथ ही रक्षक के भेष में नेताओं के चमचागिरी करने वाले के चेहरे बेनकाब किया जाएगा। और क्या गुल खिलाने वाले ऐ अभी देखना बाकी है। अपने पन की झुठी प्रशंसा करके अपने नाकामी को कब तक छुपाते रहेंगे। एक पब्लिक है साहब सब समझती है सिर्फ क्षेत्र की बदनामी होगी कहकर कुछ जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे बैठे हुए है। नाम के थाना प्रभारी जिनके वजह से क्षेत्र में दिन दूनी रात चौगुनी अवैध गतिविधियों को बढा मिल रहा है। शिकायत करने पर सूचना देना और आरोपी भगा देना साथ ही झुठे केस में बेवजह अपराध दर्ज कर देना जिनके कारनामे हो उस थाना की जनता भला सुरक्षित कैसे हो सकता है।


