*खाद्य मंत्री के निज विधानसभा नवागढ़ में 80 बोरी पीडीएस चावल की अवैध बिक्री पर परिवहन सहित चावल जप्त*

*कृषि उपज मंडी के निरीक्षक ने दिया था दबिश, 16 घंटे बाद कार्यवाही करने पहुँचे खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी..*
*संयुक्त टीम की खुली पोल बल्कि कृषि उपज मंडी के निरीक्षक ने सम्हाला बेमेतरा जिले के हर ब्लॉक क्षेत्र का जिम्मा..*
*खाद्य विभाग के आला अधिकारी पकड़ने में नाकाम और कार्यवाही में आगे*
बेमेतरा जिले के सभी विकास खंडों में कृषि उपज मंडी के निरीक्षकों की लगातार कार्यवाही से कोचियों का दांत खट्टे कर दिए जिनके चलते अवैध गतिविधियों पर काफी कुछ अंकुश लग पाया। जिससे ज़िले में काफी सुधार देखने को मिलता है।
*जिम्मेदार मुख्यालय निवास छोड़कर जिले में मस्त…बेपरवाह जिम्मेदारी कर्मचारियों पर हो कार्यवाही*
खाद्य विभाग सहित राजस्व के आला अफसर को मुख्यालय में निवास रहना अनिवार्य होना चाहिए वहीं निर्देशों का खुला उल्लंघन करते हुए मन मस्त अधिकारी अपने जिम्मेदारी से बेपरवाह होकर जिले में ही अपनी अमन सुख चैन को जीवन गुजार रहे हैं। जिम्मेदार पद व सरकार द्वारा दिए कर्तव्यों से कोई लेना-देना नहीं ऐसा लगता है तभी तो अधिकारी कर्मचारी मुख्यालय छोड़कर जिला में रहना अच्छा समझे है । जिनके वजह से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है उसी का पूरा फायदा लोग उठा रहे हैं। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर उनको घटना स्थल पर पहुंचने से पहले ही घंटो लग जाते हैं। यदि जिम्मेदार कर्मचारी यदि मुख्यालय में रहते तो अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता था । या फिर उन लोगों पर कार्यवाही का डर बना रहता किंतु अपने में मस्त अधिकारी अवैध गतिविधियों करने वालों को खुली छूट मिल गई हो ऐसा प्रतीत हो रहा है। नतीजन अवैध कारोबार काफी बेमेतरा जिला के चारों ब्लॉक पर फल फुल रहा है।
*मलाई मिठाई तक ही सीमित तो नही जिम्मेदार कर्मचारी…बंद लिफाफे में बिक तो नही जाती अवैध गतिविधियों की मामले*
खाद्य विभाग के आला अधिकारी पीडीएस चावल खरीदी बिक्री पर पाबंदी लगा पाने में नाकाम साबित हो रहा है। जिनके चलते हर पीडीएस प्रणाली के आस पास चावल खुलेआम बिक रहा है। वही जिम्मेदार अधिकारी को निरीक्षक करने के नाम पर महज एक दिखावे के रूप में कार्यवाही कर आंख में धूल झोंकने का कार्य कर रही है।
*लिखित शिकायत के भरोसे जिम्मेदार अफसर… स्वयं की जिम्मेदारी की नहीं है समझ… शिकायतकर्ता का नाम से कर्मचारी खा रहे मलाई मिठाई*
*जिला तथा ब्लॉक के जिम्मेदार अफसर जिनको सूचना देने के बावजूद भी नहीं पहुंचते*
वहीं कृषि मंडी निरीक्षक जिला मुख्यालय से आकर अवैध धान कों जप्त बनाते हैं और जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हुए हैं वहीं कृषि उपज मंडी के निरीक्षक रात दिन एक करके पकड़ रहे हैं और वहीं खाद्य विभाग के अफसर समय पर नही पहुंच पाते है कुछ दिन पहले मंडी निरीक्षकों के द्वारा स्थानीय नवागढ़ पर 80 कट्टी पीडीएस चावल पकड़ी गई और वही खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कों सूचना मिलने के बाद भी नही पहुंच पाया और श्रेय लेने के लिए दूसरे दिन खाद्य विभाग अधिकारी पहुंच गया जिससे पहले लगातार उनको मौखिक एवं अन्य माध्यमों से आला अधिकारियों को सूचना दिया गया था किंतु सिर्फ जांच करने के बात कहकर टालते गए और ना हि जांच कर पाया ना हि किसी भी प्रकार का कार्यवाही तो ऐसे मे कैसे लगेगा अवैध गतिविधियों पर रोक
*मंडी निरीक्षक की सतत मॉनिटरिंग में फिर हुआ 50 कट्टी धान और 92 कट्टी ओनहारी जप्त…*
बेमेतरा – बेमेतरा जिले में सकरी होकर के कृषि उपज मंडी के सीनियर सचिव द्वारा अपने निरीक्षक के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कोच्चियों पर कोचिया अधिनियम एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
*संयुक्त टीम की खुली पोल बल्कि कृषि उपज मंडी के निरीक्षक ने सम्हाला बेमेतरा जिले के हर ब्लॉक क्षेत्र का जिम्मा, अन्य विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारी बैठे है चुप्पी साधे ऐसे मे कैसे लगेगा अवैध गतिविधियों में लगाम…*
*खाद्य विभाग के आला अधिकारी पकड़ने में नाकाम और कार्यवाही में आगे*
बेमेतरा खाद्य विभाग के आला कर्मचारियों को लगातार कार्यवाही करने का निर्देश तो दिया जाता है किंतु विभागीय अधिकारी अवैध धान और पीडीएस का चावल पकड़ने में नाकाम…कृषि उपज मंडी के निरीक्षक रात्रि में पहुंचकर पकड़ी पीडीएस चावल के जिम्मेदार अफसर अपने में मस्त मौके पर नही पहुंच पाया 16 घंटा बाद पहुंचा कार्यवाही करने ।
चावल मिल मालिकों, राशन दुकान डीलरों और व्यापारियों की मिलीभगत से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से आपूर्ति किए गए चावल को अन्यत्र भेजने के घोटाले से छत्तीसगढ़ राज्य के खजाने को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर, ये अढतिया पैसा कमा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को ‘चुप’ करा रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में हो रही इस गड़बड़ी,
*खाद्य मंत्री के निज विधानसभा नवागढ़ में पीडीएस चावल की अवैध बिक्री और परिवहन जप्त*
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के निज विधानसभा नवागढ़ में 80 कट्टी पीडीएस चावल को मंडी निरीक्षक व स्थानीय तहसीलदार की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करने थाने पर चावल से भरी माजदा वाहन क्रमांक सीजी 27 के 3198, को थाने में खड़ी कर दी
सुबह भनक लगते ही खाद्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों कार्यवाही की झुठी प्रशंसा पाने की लाईन लग गई और अपनी प्रतिष्ठा बचाने अब नोटिस जारी करके पीडीएस चावल बिक्री के सम्बन्ध से जुड़ी लोगों से जानकारी मांगेंगे नवागढ़ खाद्य के जिम्मेदार अधिकारी ने कही,
*खाद्य मंत्री के निज विधानसभा नवागढ़ में पीडीएस चावल की अवैध बिक्री और परिवहन*
नागरिक आपूर्ति विभाग के कुछ कर्मचारी, राशन दुकानदार और मिल मालिक मिलकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के ज़रिए मिलने वाले चावल की हेराफेरी करने के लिए संगठित गिरोह तो नही बना रहा हैं..? एक जाँचकर्ता ने बताया, “पीडीएस के सभी लाभार्थी 2 रुपये किलो वाले चावल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। जो लोग यह चावल खरीदते हैं, उन्हें राशन दुकानदार लगभग 20 से 25 रुपये या उससे ज़्यादा प्रति किलो की दर से चावल वापस बेचने के लिए उकसाते हैं।”
*जब कुर्सी बैठने पर हि मिले मिठाई तो कौन करे कार्यवाही भाई*
पीडीएस एक बड़ा संगठित घोटाला है जिनकी जड़ें हितग्राहियों के राशन दुकानदार से प्रारम्भ होता है सरकारी सिस्टम पर बैठे लोग इनका खुला बोली लगाते हैं इस तरह सब की मिली जुली खिचड़ी पक जाती है और लिखित शिकायत से अतिरिक्त कमाई हो जाती है। प्राप्त सूत्रों से पता चला यह घोटाला इतना संगठित है कि शहर के हरेक विकासखंड में तीन से चार बड़ी स्टॉक एजेंट मिल जाएगा उनके दुकान व गोडाउन पॉइंट पर छापा मारने पर लाखों की पीडीएस चावल की बोरियों पर बड़ी संख्या में मिल जाएगा।
यह बात की सच्चाई आपको किसी भी उचित मुल्य की दुकान की संचालन के आस पास बैठ कर देखा जा सकता है। पीडीएस चावल बिक्री पर प्रतिबंध लगा है लेकिन खरीदी करने वालों के लिए बड़ी बात नहीं है, अगर असल बात यह तो नही की कुर्सी मे बैठकर मिलने वाली मलाई मिठाई लिफाफा कार्यवाही करने से आना बंद हो जाएगा ऐसे सोच बैठे तो नही जिम्मेदार अधिकारी..? कही सरकारी वेतन से कहीं ज्यादा मिलता होगा.. जिसको कौन छेड़ना चाहेगा ऐसा तो नही..? आखिर कार क्यों खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हुई है…


