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August 5, 2026 11:27 am

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द राम भक्त

सनातन मर्यादा का प्रतीक

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शिक्षक शिक्षिकाओं की युक्ति युक्तिकरण की हकिकत… सत्ता और पैसे के बल पर सब हो सकता सम्भव…

शिक्षक शिक्षिकाओं की युक्ति युक्तिकरण की हकिकत… सत्ता और पैसे के बल पर सब हो सकता सम्भव…

 

 

*आखिर अंत में हो जाता है सत्यमेव जयते*

 

 

 

बेमेतरा – बेमेतरा जिले के शिक्षा विभाग विभाग में अजब गजब के कारनामे की हकीकत उजागर होने लगा जिनकी सच्ची कहानी कुछ इस तरह है – हाल ही में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों को युक्तियुक्तकरण कर शिक्षकों कमीयों को भरने को काम किया किन्तु जिले में सरकारी सिस्टम कुछ अलग ही गुल खुला रही है बेमेतरा जिले में हुए शिक्षक शिक्षिकाओ का युक्ति युक्त करण में भ्रष्टाचार धांधली की अब खुलने लगी पोल युक्तियुक्तकरण में किस तरह से पहुंच और रसूख का खेल चला रहा है, इसकी पोल अब परत दर परत खुल रही है। अपने चहेतों को बचाने के लिए ना नियमों की परवाह की गयी और ना ही अफसरों में कार्रवाई का डर दिखा। जिलास्तरीय कमेटी में पहुंच रहे अभ्यावेदनों से अब अफसरों की पोल खुली। एक मामला बेमेतरा से सामने आया है। जहां नव नियुक्त एक शिक्षिका को बचाने के लिए उनकी परीविक्षा अवधि का कन्फर्मेशन आर्डर ही दबा दिया गया फिर क्या मामले का होने लगा उजागर।

 

 

 

 

*शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह से खेला खेल*

 

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटका में पदस्थ विज्ञान विषय की शिक्षिका मंजू साहू को अंततः जिला युक्ति युक्तिकरण समिति से न्याय मिला है। पहले उन्हें अतिशेष शिक्षक की श्रेणी में रखकर अन्य विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन अब उनका पदस्थापना आदेश रद्द कर उन्हें उनके मूल विद्यालय में पुनः बहाल कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षिका साहू 07 नवंबर 2016 से पूर्व माध्यमिक शाला मटका में पदस्थ थीं। वहीं, विज्ञान विषय की दूसरी शिक्षिका मीना तिवारी को 22 फरवरी 2022 को उसी विद्यालय में पदस्थ किया गया था। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान मीना तिवारी की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बावजूद उन्हें कनिष्ठ नहीं मानकर, मंजू साहू को ही अतिशेष घोषित कर बीजाभाठ विद्यालय में पदस्थ कर दिया गया था, जिससे वह आहत होकर 20 जून 2025 को जिला युक्ति युक्तिकरण समिति में आवेदन लेकर पहुँचीं।

 

 

*जिलास्तरीय कमेटी में दिया अभ्यावेदन*

 

समिति ने 24 जून 2025 को सुनवाई करते हुए शिक्षिका साहू को अपनी बात रखने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि मीना तिवारी की परिवीक्षा समाप्ति का आदेश संयुक्त संचालक शिक्षा, दुर्ग द्वारा 21 मई 2025 को जारी किया गया था, अतः वह कनिष्ठ शिक्षिका मानी जानी चाहिए थी युक्ति युक्तकरण समिति ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए 27 जून 2025 को मंजू साहू के पक्ष में निर्णय सुनाया और 4 जून 2025 को जारी स्थानांतरण आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इस आदेश को 15 जुलाई 2025 को अंतिम रूप से पारित किया गया।

 

 

*ऐसे एक नहीं कई उदाहरण*

 

इस पूरे प्रकरण में उल्लेखनीय यह रहा कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद युक्तियुक्तकरण में नियमों की अनदेखी की गई थी, जिसे शिक्षिका साहू की सक्रियता और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सुधारा गया।यह फैसला न केवल एक शिक्षिका के हक की बहाली है, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग को यह संदेश देता है कि युक्ति युक्तकरण जैसी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप ही की जानी चाहिए।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

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