अनाधिकृत अनुपस्थित रहने वाले आरक्षक को किया गया सेवा से बर्खास्त, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री त्रिलोक बंसल (IPS) ने जारी किया आदेश।
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*बेमेतरा, 04 अगस्त 2026:-* पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में जिला पुलिस बेमेतरा ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 77 दिनों तक बिना अनुमति एवं बिना विधिवत सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले आरक्षक विवेक पोद्दार को विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया है। पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री त्रिलोक बंसल (IPS) ने विभागीय जांच, अभियोजन साक्ष्यों, सेवा अभिलेखों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद यह आदेश जारी किया।
*आरक्षक विवेक पोद्दार की* ड्यूटी 03.06.2025 को बंदी पेशी के लिए लगाई गई थी, लेकिन वह उस दिन से बिना किसी सक्षम अनुमति अथवा विभाग को नियमानुसार सूचना दिए लगातार अनुपस्थित रहा। वह 03.06.2025 से 18.08.2025 तक कुल 77 दिनों तक ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुआ। इस दौरान विभाग द्वारा उसे कई बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण एवं ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, किन्तु वह समय पर उपस्थित नहीं हुआ। विभागीय जांच में उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन आरोप प्रमाणित पाए गए। जांच में उसका पूर्व सेवा रिकॉर्ड भी असंतोषजनक पाया गया।
*सेवा अभिलेखों के अनुसार* उसे पूर्व में 03 छोटी सजा एवं एक बड़ी विभागीय सजा दी जा चुकी हैं। जिसमें आरक्षक को सुधरने का अंतिम अवसर देते हुए वेतन वृद्धि कमी की सजा दी गई थी। परंतु आचरण में सुधार नहीं आया। आरक्षक सेवाकाल में 05 बार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहा है। यह भी संज्ञान में आया कि आरक्षक के विरुद्ध दो अपराधी प्रकरण हैं एवं एक अन्य प्रकरण में आरक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच जिला दुर्ग में प्रक्रियाधीन हैं। यद्यपि उक्त प्रकरणों का इस प्रकरण से संबंध नहीं है परन्तु यह स्पष्ट होता हैं कि आरक्षक के आचरण एवं कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं आया। आरक्षक के सेवा रिकार्ड से स्पष्ट है कि वह विभाग की सेवा के प्रति कतई गंभीर नहीं है। अतएव आरक्षक के भविष्य में एक सफल एवं अनुशासित पुलिस कर्मचारी बने रहने की संभावना नहीं के बराबर है।
*पुलिस अधीक्षक श्री त्रिलोक बंसल (IPS) ने* अनुपस्थिति की 77 दिनों की अवधि को ‘कार्य नहीं, वेतन नहीं’ के सिद्धांत के तहत अवैतनिक घोषित करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


