बाजारपारा वार्ड 18 में छत्तीसगढी काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन

बेमेतरा :– प्राँतीय छत्तीसगढी साहित्य समिति जिला इकाई बेमेतरा के मासिक काव्य गोष्ठी के तहत बाईस मई शुक्रवार सँध्या सात बजे बाजार पारा कैइहा तरिया पार कालिका मँदिर के समिप काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि व समाजसेवी भुवन दास जाँगड़े गुरु घासीदास चेतना अवार्ड से सम्मानित, अध्यक्षता वरिष्ठ हास्य व्यँग्य कवि रामानंद त्रिपाठी छत्तीसगढ राजभाषा आयोग जिला समन्वयक बेमेतरा रहे, विशिष्ट अतिथि राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त सेवा निवृत्त प्रधान पाठक सुँदरनगर बेमेतरा रहे। कार्यक्रम की शुरुवात अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की पूजा अर्चना कर प्रारँभ हुई।
सर्वप्रथम कवि मनोज कुमार पाटिल द्वारा अपनी स्वरचित सरस्वती वँदना सस्वर गायन कर गोष्ठी का शुभारम्भ हुआ, क्रमशः उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं का रसास्वादन कराया,, जिसमें काँति बँजारे ने राजभाषा पर आधारित गीत ” राजभाषा बनगे बोली छत्तीसगढी। इही म होही अब तो सरकारी लिखापढी।। सुनाकर तालियां बटोरी, मोहरेंगा से आये नवोदित युवा कवि सँतोष साहू ने नशामुक्ति पर आधारित कविता सुनाये, तेंदूभाँठा साजा से आये युवा कवि आत्मा राम पटेल ने मैंहा छत्तीसगढ़ के माटी के बेटा औंव रे भाई । देवकी यशोदा कस महतारी राम किसन सहीं भाई। सुनाये । तो वहीं गोकुल बँजारे चँदन ने मोर छत्तीसगढिया हीरा तैं सच्चा सपूत बन जाबे। देश के खातिर बलि- बलि जाबे झन कपूत बन जाबे। सुना कर श्रोताओं को भावविभोर किया। हास्य कवि रामानंद त्रिपाठी ने अनेक हास्य की फुलझड़ियों से उपस्थित जनों को खूब हँसने मजबूर कर दिया, कवित्री सुश्री उमा जाटव ने माता पिता का असीम प्यार मिलना सौभाग्य वालों को प्राप्त होता है पर आधरित कविताएं सुनाई, वहीं भुवन दास जाँगड़े ने कविता के माध्यम से देश हित पर कार्य करने प्रेरित किया, युवा कवि मनोज मिर्झा ने समसामयिक विषयों पर रचना सुनाया, इसी कड़ी में रेणुका कारुणिक ने मँहगाई पर आधारित रचनायें पढी, तथा तरुण यादव ने व्यँगात्मक रचनायें पेश किया।
इस अवसर पर भुवन दास जाँगड़े समाज सेवी व कवि सिरवाबाँधा को वर्ष 2025 में गुरु घासीदास चेतना अवार्ड से छत्तीसगढ शासन द्वारा सम्मानित होने पर इस गोष्ठी में बेमेतरा जिला के कवियों ने भी उन्हें शाल श्रीफल व बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सँचालन प्राँतीय छत्तीसगढी साहित्य समिति जिला इकाई बेमेतरा अध्यक्ष डॉ. गोकुल बँजारे चँदन ने किया।
इस अवसर पर भारतीय थल सेना से सेवा निवृत्त एल.आर. साहू, टीकाराम देवाँगन सेवानिवृत प्राचार्य, महेश्वर श्रीवास शिक्षक, रामस्नेही वर्मा व्याख्याता , ललित निर्मलकर प्रधान पाठक , जंँतराम निर्मलकर , हृदयनारायण यादव, सनत यादव, लक्ष्मेंद्र बैनर्जी, नेमू राम बँजारे, ओंमकार मस्तके बनराँका, द्रोपती, अविनाश, अनिरुद्ध, दक्ष कुमार, नीति बँजारे , ईश्वरी मिर्झा, गोरे लाल पाठक, मुन्नी बाई पाठक, रीया पाठक सहित श्रोता गण उपस्थित रहे।


