महंगाई की मार—बिलखती रसोई, “सिलेंडर की अर्थी” निकालकर कांग्रेस का विरोध….

“मंहगाई की मार से बिलख रही है रसोई,
गर्म भी नहीं हो पा रही तवा… कैसे बनेगी रोटी?
जब चूल्हे की आग भी पूछे—कब सस्ती होगी जिंदगी,
तब सड़कों पर उतरती है जनता… और उठती है आवाज़ सियासी!”
बेमेतरा – छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बढ़ती महंगाई, खासकर रसोई गैस के दामों को लेकर आज जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज़ में सिलेंडर की अर्थी निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
हाथों में तख्तियां, नारों की गूंज और कंधों पर उठी “सिलेंडर की अर्थी”—ये नजारा लोगों का ध्यान खींचता रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ने से आम आदमी की रसोई पर सीधा असर पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए अब दो वक्त की रोटी बनाना भी मुश्किल होता जा रहा है।
नेताओं का बयान
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि
“सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल है।”
“रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जनता की आवाज है की
स्थानीय महिलाओं ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कहा—
“पहले जहां एक सिलेंडर महीने भर चलता था, अब खर्च इतना बढ़ गया है कि दोबारा भरवाना भी मुश्किल हो गया है।”
“जब चूल्हा ठंडा पड़ जाए और आंखों में आंसू आ जाएं,
तो समझो मंहगाई सिर्फ आंकड़ा नहीं… एक सच्चाई बन जाए।
अब सवाल यही है—क्या रोटी फिर से मुस्कुराएगी,
या महंगाई की आग में यूं ही जलती रह जाएगी?”


