नवागढ़ में अवैध ‘चखना सेंटर’ पर सवाल—कानून एक, अमल अलग-अलग क्यो..?

*नवागढ़ में अवैध चखना सेंटरों को लेकर चर्चा तेज..*
रायपुर – बेमेतरा / नवागढ – और इसके साथ ही पुलिस व आबकारी विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं…स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आ रही है कि कुछ जगहों पर शराब के साथ खुलेआम चखना परोसे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। जबकि नियमों के मुताबिक तय सीमा में शराब ले जाने की अनुमति है,फिर भी कार्रवाई अक्सर आम लोगों पर दिखती है—जैसे शादी-ब्याह या छुट्टी के लिए वैध खरीद कर ले जाने वाले। दूसरी ओर, जिन स्थानों पर नियमित रूप से नियमों के उल्लंघन की बातें कही जा रही हैं,वहां प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आने से लोगों के बीच असमंजस बढ़ रहा है।
*छोट ला धर लेथें, बड़े ला छोड़ देथें—ए कइसन कानून के चाल हे…?*
क्या नियमों का पालन सभी पर समान रूप से हो रहा है…?
क्या जांच और कार्रवाई में पारदर्शिता है…? क्या शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो रही है…?
*कानून का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई दिखाना नहीं,बल्कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक और जनहित की सुरक्षा जरूरी*
जरूरी है कि नागरिक भी जिम्मेदारी निभाएं—नियमों का पालन करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना आधिकारिक माध्यमों से दें।
*कानून सबके खातिर एक समान कहे जाथे,फेर अमल मं फर्क काबर दिख जाथे…जेन दिन बराबरी से लागू होही नियम,ओ दिन भरोसा अपने आप बन जाथे…*
फिलहाल नवागढ़ में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
उम्मीद है कि संबंधित विभाग स्थिति स्पष्ट करेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे। सवाल बरकरार हैं जवाब का इंतजार है…ये खबर जनजागरूकता के लिए।


