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August 4, 2026 1:52 pm

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द राम भक्त

सनातन मर्यादा का प्रतीक

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अवैध लाल ईंट का कारोबार: हरियाली की बलि, भूजल पर खतरा… और जिम्मेदार खामोश…

अवैध लाल ईंट का कारोबार: हरियाली की बलि, भूजल पर खतरा… और जिम्मेदार खामोश…

 

 

बेमेतरा – बेमेतरा सहित आसपास के इलाकों में अवैध लाल ईंट (भट्ठा) कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। इस धंधे की आग में हरे-भरे पेड़ लगातार काटे जा रहे हैं और उपजाऊ जमीन की ऊपरी परत (टॉप सॉइल) खोदी जा रही है। नतीजा—पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है, और सबसे बड़ा खतरा गहराते भूजल स्तर पर मंडरा रहा है।

 

 

*पेड़ों की कटाई, मिट्टी का दोहन ईंट भट्ठों के लिए*

 

 

बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई

खेतों की उपजाऊ मिट्टी की खुदाई

बिना अनुमति भट्ठों का संचालन

इससे न सिर्फ हरियाली खत्म हो रही है, बल्कि जमीन की जल धारण क्षमता भी घट रही है।

 

 

*भूजल पर सीधा असर*

 

 

जब पेड़ कटते हैं और मिट्टी की ऊपरी परत हटती है:

बारिश का पानी जमीन में कम समाता है

रिचार्ज घटता है, जलस्तर नीचे जाता है

आसपास के हैंडपंप और कुएं सूखने लगते हैं

यानी आज का मुनाफा, कल का जल संकट बन रहा है।

 

 

*जिम्मेदार विभागों की चुप्पी*

 

 

पूरे मामले में सवाल उठ रहे हैं:

खनिज विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?

वन विभाग पेड़ों की कटाई पर मौन क्यों?

राजस्व और स्थानीय प्रशासन की निगरानी कहाँ है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना “संरक्षण” के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं। “बंद लिफाफों” की चर्चा भी आम है, जिससे ईमान पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

 

*नुकसान किसका..?*

 

 

पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा

किसानों की जमीन बंजर होने का खतरा

जल संकट की आहट

सरकार को राजस्व का नुकसान

 

 

*कैसे होगा सुधार..?*

 

 

अगर यही हाल रहा तो सुधार मुश्किल है। लेकिन समाधान भी साफ है:

अवैध भट्ठों पर तत्काल कार्रवाई और सीलिंग

पेड़ों की कटाई पर सख्त निगरानी

भूजल संरक्षण के लिए रिचार्ज योजना

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय

स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी और शिकायत व्यवस्था मजबूत

 

*बड़ा सवाल*

 

जब जवाबदार ही चुप हैं, तो सुधार कौन करेगा?

और अगर “ईमान” बंद लिफाफों में बिकने लगे, तो कानून का डर किसे रहेगा?

 

*जनहित की पुकार*

 

अब वक्त है कि प्रशासन जागे, वरना आने वाली पीढ़ियां पानी और हरियाली—दोनों के लिए तरसेंगी।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

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