काव्य संग्रह विभिन्न किताबें महान साहित्यकार मंगत रवीन्द्र की लेख द्वारा नवीनतम प्रकाशित पुस्तकें….

देश दुनिया व प्रदेश की रची बसी परम्परा सहित समस्त लोक विधाओं से ओतप्रोत सांस्कृतिक विरासत की धरोहर का काव्य संग्रह लेकर आए हैं महान साहित्यकार मंगत रविन्द्र जी देखिए एक नजर नवीनतम प्रकाशित काव्य संग्रह पुस्तकें…
इस समय मेरी ४किताबें छप कर आ गई हैं:—-
१-जेनिया हिन्दी कविता संग्रह
२-उजागर, छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह
३-काव्य कंद,रस छंद अलंकार पर आधारित व्याकरण
४-टुकना,२४२छत्तीसगढ़ी लघु कहानियां
इस समय प्रेस में हैं —
१-महाकाव्य श्री प्रभात सागर पृष्ठ १०८०हिन्दी दोहा -चौपाई में टीका सहित
८०प्रतिशत टाइपिंग हो चुका है।
२-गुड़ ढिंढा छत्तीसगढ़ी कहानी संकलन,इसकी२६कहानियां आकाशवाणी से प्रसारित एवं एक कहानी एम ए कोर्स में शामिल
३सोने की डिबिया में गले का हार, हिन्दी पद, साखी शायरी गजल विभिन्न रचनाकारों का है
४-रंग डलिया छत्तीसगढ़ी पद, साखी संग्रह
५मोर बिरहा के गीत छत्तीसगढ़ी
६-छाता पर्वत की तलहटी पृष्ठ १३०० सतनाम गुरु घासी दास, अध्यात्म, दर्शन एवं विविध विषयों पर आधारित हिन्दी आलेखों का अनूठा संगम। इसके ८०प्रतिशत लेख देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं पुस्तकों में प्रकाशित हो चुके हैं।कई आलेख आकाशवाणी से प्रसारित भी हैं
सभी किताबें २०२६तक छप कर आ जायेंगी। गुड़ ढिढ़ा एक माह के भीतर एवं चार माह के अंदर श्री प्रभात सागर छप कर आ जायेगा।काम पूरी गति में हैं। मित्र गण, विज्ञजन हितैषी जन दिल खोल कर आर्थिक मदद कर रहे हैं।आप सबको मूल लागत कीमत पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
*हाल ही में प्रकाशित काव्य संग्रह*
अभी -अभी सतनाम, गुरु घासी दास जी पर आधारित हिन्दी/छत्तीसगढ़ी गीत, रचनाओं पर आधारित कृति “श्री सतनाम सुधा”पृष्ठ १८०जमा की गई है।यह भी इसी वर्षान्त तक छप जायेगी।


