पूर्णकालिक दैनिक मासिक श्रमिको ने न्यूनतम मात्र 1 वर्ष सीमा बंधन तय कर लागू करने की मार्मिक अपील…
*प्रदेश के 36 हजार पूर्णकालिक दैनिक मासिक श्रमिको के लिए बजट सत्र 2026 में स्थाईकरण योजना ‘माता कौशल्या को समर्पित करते हुए न्यूनतम से न्यूनतम मात्र 1 वर्ष सीमा बंधन तय कर लागू करने की मार्मिक अपील…*
बेमेतरा @ छत्तीसगढ़ – प्रदेश में 4 नए श्रम सहिता के लागू होने के पश्चात दैनिक श्रमिक मोर्चा अपने दो महत्वपूर्ण माँग जिसमे विगत चार वर्ष पूर्व के माता कौशल्या स्थाईकरण योजना लागू करने की मांग रखना सदैव के लिए बंद करने विवश हो जाएगा वही दूसरी माँग बारीक कमिटी में सदस्य बनाने की मांग रखना सदैव के लिए बन्द करना पड़ेगा।
*मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 का स्थाईकरण 10 वर्ष समय सीमा तय कर किया था लागू*
चूंकी 240 कार्य दिवस 1948 की धारा 61 और 63 के औद्योगिक अधिनियम के आधार पर मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 का स्थाईकरण 10 वर्ष समय सीमा तय कर लागू किया गया था, उसके बाद वर्ष 2023 में ही मध्य प्रदेश के सविंदा कर्मियों के लिए 5 वर्ष समय सीमा तय कर पुनः स्थाईकरण लागू किया गया, राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा 2023 में दैनिक श्रमिको एवं सविंदा कर्मियों के लिए 5 वर्ष समय सीमा तय कर स्थाईकरण किया गया जिसे वर्तमान भाजपा की भजन लाल सरकार ने समय सीमा को न्यूनतम कर 2 वर्ष लागू कर दिया, छत्तीसगढ़ में शिक्षा कर्मियों के सविलियन पूर्व लागू योजना स्थाईकरण ही थी, पुराने श्रम कानून के समाप्त होने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार किस कानूनी आधार पर स्थाईकरण लागू कर पाएगी ? बड़ा संदेह है। मध्य प्रदेश में 1948 का यह पुराना कानून समाप्त हो चुका है, 4 नए श्रम सहिता लागू हो चुके है अब वहां स्थाईकरण दुबारा किसी कर्मचारी का सम्भव नही है, इसका विरोध प्रदर्शन भी वहां हो रहा है।
“*अपन अधिकार अउ अपन कर्तव्य दन्नो बर आगू रहवैया संगठन*
छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया श्री विष्णु देव साय जी को सुझाव निर्देश इस आवेदन की जांच परीक्षण उपरांत देने की प्रार्थना है न्यूनतम से न्यूनतम 1 वर्ष की समय सीमा बंधन (ताकि 2028-29 के चुनाव में स्थाईकरण लागू वर्ष बंधन घटाना चुनावी मुद्दा किसी दल के घोषणा पत्र में न बने) तय करते हुए, 8 अलग अलग प्रकार में से जिस प्रकार के विभागीय दैनिक वैतनिक पुर्णकालिक श्रमायुक्त दर के श्रमिको का स्थाईकरण सीधे संभव है, 8 अलग अलग प्रकार में से जिन प्रकार के सविंदा का स्थाईकरण सीधे संभव उन्हें 1 अप्रैल 2026 से पूर्व लागू करने की कृपा करें। भाजपा के चुनावी वर्ष 2023 में विडीयो जारी तत्कालीन प्रत्याशी वर्तमान वित्त मंत्री माननीय ओपी चौधरी जी द्वारा किये गए वादे के कथन सत्य साबित हो सके जिसमे उन्होंने स्थाईकरण योजना की सराहना की थी।
दैनिक श्रमिक मोर्चा बारीक कमिटी में सदस्य बनकर पत्राचार के माध्यम से स्थाईकरण योजना लागू करने की माँग / सुझाव ही रखता। अब यह विकल्प 1 अप्रैल से समाप्त जो जाएगा। आप जैसे सवेदनशील राज्यपाल से मोर्चा ने पूर्व में जब जब ज्ञापन दिया माँग जरूर पूरी हुई है।


