बेमेतरा जिला में क्षमता निर्माण के तहत जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण आयोजित

*इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान उचित प्रबंधन एवं सही उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करना था*
*बेमेतरा:2 फरवरी 2026/* स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा में क्षमता निर्माण के तहत जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण का किया गया आयोजन,यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण समाज में तेजी से बढ़ रही मनोवैज्ञानिक समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गंभीर पहल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृत लाल रोहलेडर एवं सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के मार्गदर्शन में केपिसिटी बिल्डिंग (सामर्थय निर्माण) कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारियों,अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सात चरणों में सीएमएचओ कार्यालय मीटिंग हाल में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण सात् चरणों में आयोजित किया गया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के समस्त आर एम ए ,आर् एच ओ महिला , सी एच ओ , स्टॉफ नर्सेस् , सी एच ओ , आर एच ओ पुरुष , को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, उचित प्रबंधन एवं सही उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा।
उक्त प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मनोरोग मनोवैज्ञानिक डॉ. नरेन्द्र वर्मा ने प्रशिक्षण दिया, उनके साथ चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्राकिरण राजपूत जिला मानसिक स्वास्थ्य नोडल अधिकारी उपस्थित रहे ।वही सी एम एच ओ कार्यालय से अधिकारी, कर्मचारी एवं जिला चिकित्सालय स्टॉफ के लोगो को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया । जिसमें डॉ. नरेन्द्र वर्मा ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए न्यूरोटिक समस्याओं जैसे अवसाद, एंग्जायटी डिसऑर्डर, समाटोफॉर्म डिसऑर्डर पर जानकारी साझा किया, साथ ही बच्चों एवं किशोरों में पाई जाने वाली मनोवैज्ञानिक समस्याएं जैसे इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, एडीएचडी, लर्निंग डिसेबिलिटी तथा मोबाइल एडिक्शन के संकेत, कारण एवं उपचार के विषय में विस्तार से समझाया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि मनोवैज्ञानिक समस्याएं शारीरिक रोगों से अलग होती हैं तथा इनके उपचार में केवल दवाइयों के साथ-साथ साइकोथेरेपी एवं काउंसलिंग अत्यंत आवश्यक है। साथ ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल राज ने आमजन को झोलाछाप चिकित्सकों अथवा अवैध मनोवैज्ञानिकों के पास न जाने की सलाह दी। मनोवैज्ञानिक डॉ. नरेन्द्र वर्मा द्वारा सायकोटिक समस्याओं जैसे स्किज़ोफ्रेनिया एवं मेनिया के लक्षण, कारण एवं उपचार की भी जानकारी दी गई,तथा छत्तीसगढ़ में प्रमुख नशा(व्यसन)-विशेषकर शराब एवं तंबाकू से होने वाले मानसिक नुकसान एवं उनके प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ टीम द्वारा लघु नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मानसिक रोगों से जुड़े मिथकों, उनकी वास्तविकता एवं उपचार के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे प्रतिभागियों ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क टेली-मानस सेवा के हेल्पलाइन नंबर 14416 की उपयोग अधिक जानकारी हेतु किया जा सकता है।साथ ही यह भी बताया गया कि जिला चिकित्सालय बेमेतरा में ओपीडी कमरा नंबर 14 के माध्यम से मानसिक रोगों हेतु दवा, साइकोथेरेपी एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे, जिला नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रकिरण राजपूत , डीटीसी अमित दीक्षित एवं एनएमएचपी टीम बेमेतरा का सराहनीय सहयोग रहा।


