सरकार से उम्मीद, लेकिन समाधान नहीं” जनता पूछ रही है कब मिलेगा सुरक्षित सफर…
*स्कूली बच्चों और राहगीर ने अपने दर्द बयां कर कहा.. साहब प्रीमियम देखें, रोड भी देख लों,*
*गनियारी से तारेगांव रोड बनी मौत का जाल बड़े-बड़े गड्डों और तालाब बन जाने से स्कूली बच्चे और राहगीर हलाकान*
*क्षेत्र के जिम्मेदार की आंखों के निचे हादसों को दे रहे आमंत्रण, आवागमन करने में लोग परेशान*
नवागढ़। सम्बलपुर से कटई तक जाने वाली सड़क अब राहगीरों के लिए मौत का जाल बन गई है। सड़क पर हुए विशालकाय गड्ढे रोजाना दुर्घटनाओं को दे रहे न्योता जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। आलम यह है कि कार से लेकर छोटे वाहन ई-रिक्शा और मोटरसाइकिलें इन गड्डों की भेंट चढ़कर पलट रही हैं. और दोपहिया वाहन चालक आए दिन घायल हो रहे हैं। यह घटना सड़क की भयावह स्थिति का एक छोटा सा उदाहरण मात्र है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कुम्भकर्णीय नींद सो रही है और विभाग की ओर से कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहा ना ग्रामीण का आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य और विधायक देखने तक नहीं आये सिर्फ वोट मांगने बस आये थे, आपको बता दु कि कटई स्कूल जाने वाला मार्ग भी ऐसे गड्डों से अछूता से कम नहीं है, जिससे स्कूल आने-जाने वाले छात्रों और शिक्षकों को भी भारी दिकतों का सामना करना पड़ रहा है। सम्बलपुर बेलटूकरी, गनियारी, नेऊर , रुसे, तारेगांव रोड के बीच की स्थिति तो इतनी खराब है कि एक गड्डा इतना बड़ा हो गया है कि तालाब के डबरी से कम नजर नहीं आता, आने जाने वाले कों ग्राम के लोगों द्वारा दे रहे चेतावनी ताकि कोई उसमें फंसकर दुर्घटनाग्रस्त न हो जाए। यह दशांता है कि प्रशासन किस कदर निष्क्रिय है और जनता और स्कूली बच्चों अपनी जान जोखिम में डालकर आवागम करने को मजबूर है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत कराने की मांग कि है।


