नवागढ़ पीएम सेजस के प्राचार्य पर शिक्षकों ने खोला मोर्चा… लगाए आरोप…
द राम भक्त हनुमान(बिनोद नवरंगे)बेमेतरा:- शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवागढ़ (पीएम सेजस नवागढ़, UDIS 121049) के प्राचार्य मालिक राम टंडन पर शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि प्राचार्य का रवैया न केवल शिक्षकों के प्रति अपमानजनक है, बल्कि वे स्कूल की कार्यप्रणाली में मनमानी भी कर रहे हैं।
शिक्षकों ने लगाए गंभीर आरोपः
संयुक्त शिकायत पत्र में बताया गया है कि-
प्राचार्य शिक्षकों के साथ अनुचित व्यवहार और दुर्व्यवहार करते हैं।
प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने स्तर पर मनमाने निर्णय ले रहे हैं।
शिक्षकों को विद्यालयीन गतिविधियों में जानबूझकर दोषी ठहराया जाता है।
शौचालय सुविधा नहीं, प्राचार्य कक्ष में तालाः
शिक्षकों के अनुसार विद्यालय में शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है, और शिकायत के बाद प्राचार्य कक्ष को ताले में बंद कर दिया गया, जिससे शिक्षकों को अत्यधिक परेशानी हो रही है।
छात्रों से ली जा रही अवैध फीसः
शिकायत में यह भी बताया गया है कि-
सरकारी दिशा-निर्देशों के बावजूद, छात्रों से फॉर्म शुल्क और ओपन परीक्षा शुल्क के नाम पर अनुचित रूप से राशि वसूली की जा रही है।
अग्रेशन शुल्क 50-60 रुपये तय है, लेकिन छात्रों से इससे अधिक पैसे लिए जा रहे हैं।
विषय जानकारी में हेरफेर का आरोप:
युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत रसायन विषय शिक्षक की जानकारी में हेरफेर का भी आरोप लगाया गया है। जब शिक्षकों ने विषय संबंधित विवरण मांगा तो उन्हें “तुम इसका क्या करोगे” जैसे अपमानजनक शब्दों से जवाब दिया गया।
पहले भी हुई थी शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं:
शिक्षकों का कहना है कि वे पूर्व में कई बार शिक्षा विभाग को मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है।
पहले भी हुई थी शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं:
शिक्षकों का कहना है कि वे पूर्व में कई बार शिक्षा विभाग को मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है।
मांग – तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई:
शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कलेक्टर से तत्काल उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि विद्यालय का वातावरण पुनः सकारात्मक बन सके और छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो।


