पदोन्नति और वेतन विसंगति से नाराज पटवारी, शासन से तत्काल समाधान की मा

*राजस्व पटवारी संघ, जिला बेमेतरा ने लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने, वेतन निर्धारण की त्रुटियां दूर करने और राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों पर पटवारियों को पदोन्नति देने की उठाई मांग।*
बेमेतरा – राजस्व पटवारी संघ, जिला बेमेतरा ने पटवारियों की वर्षों से लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति के मुद्दे को लेकर शासन एवं प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया में देरी और वेतन निर्धारण में हुई त्रुटियों के कारण प्रदेशभर के पटवारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है, जिससे उनके मनोबल और कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्तमान में पटवारियों की पदोन्नति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है। कई कर्मचारी पूरी सेवा पटवारी पद पर बिताकर सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जिससे योग्य कर्मचारियों को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
*संघ की प्रमुख मांगें*
पटवारियों की पदोन्नति के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए।
राजस्व निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती बंद कर पदोन्नति से नियुक्ति की व्यवस्था लागू की जाए।
राजस्व निरीक्षक के सभी रिक्त पद केवल पटवारियों की पदोन्नति से भरे जाएं।
पदोन्नति में 50 प्रतिशत वरिष्ठता और 50 प्रतिशत विभागीय परीक्षा के आधार का नियम लागू किया जाए।
वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए।
*वेतन विसंगति पर भी जताई आपत्ति*
संघ ने वेतन निर्धारण में गंभीर त्रुटियों का उल्लेख करते हुए कहा है कि वर्ष 2010 बैच के पटवारियों के मामले में ग्रेड पे बढ़ने के बावजूद मूल वेतन कम निर्धारित किया गया है, जो वेतन संरचना के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। संघ का कहना है कि ऐसी विसंगतियां अन्य भर्ती बैचों में भी मौजूद हैं।
वेतन विसंगति से होने वाले नुकसान
संघ के अनुसार वेतन निर्धारण की त्रुटियों के कारण—
पटवारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
कोष एवं लेखा सत्यापन में कठिनाइयां आ रही हैं।
अनावश्यक रिकवरी की आशंका बनी हुई है।
भविष्य की वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पेंशन और अन्य सेवा लाभ प्रभावित हो रहे हैं।
*शासन से न्याय की अपेक्षा*
राजस्व पटवारी संघ ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, राजस्व निरीक्षकों के रिक्त पदों पर पदोन्नति की व्यवस्था लागू की जाए तथा वेतन विसंगतियों का परीक्षण कर उनका शीघ्र एवं न्यायोचित निराकरण किया जाए, ताकि प्रदेश के सभी पटवारियों को आर्थिक और सेवा संबंधी न्याय मिल सके।
*पहली मांग:*
राजस्व पटवारी संघ ने मांग की है कि प्रदेश के सभी भर्ती बैचों के पटवारियों की वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ किया जाए। साथ ही राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों को केवल पटवारियों की पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए तथा पदोन्नति के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए, जिससे कर्मचारियों को समय पर कैरियर उन्नति का अवसर मिल सके।
*दूसरी मांग:*
संघ ने वेतन निर्धारण में हुई विसंगतियों को भी तत्काल दूर करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि विभिन्न भर्ती बैचों के पटवारियों के मूल वेतन निर्धारण में त्रुटियां हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान, भविष्य की वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पेंशन और अन्य सेवा लाभों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए शासन से मांग की गई है कि सभी वेतन विसंगतियों की निष्पक्ष जांच कर उनका शीघ्र एवं न्यायसंगत निराकरण किया जाए, ताकि प्रदेश के सभी पटवारियों को सेवा एवं आर्थिक न्याय मिल सके। बहरहाल पटवारी संघ ने अपनी बात शासन प्रशासन से रखी है। अब प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही करने की बात कही।


