अब वक्त पुकार रहा

उठो जागो अब वक्त पुकार रहा
समाज के प्रति फर्ज निभाना है
संगठित होकर एक साथ चलो
समर्पण भाव से कर्ज चुकाना है
हाथ मिलाओ और साथ चलो
यही मानवता की स्वाभिमान है
सकारात्मक सोच से आगे बढ़े
संघर्ष प्रचंड हमारी अभिमान है
सदियों से चुप था मेरा समाज
अब इतिहास नया दर्ज कराना है
उठो जागो अब वक्त पुकार रहा
समाज के प्रति फर्ज निभाना है
सम्मान के खातिर झुकेंगे नहीं
एक होकर अब आगे बढना है
अन्याय के खिलाफ आवाज बनो
सामाजिक परिवर्तन के नींव गढ़ना है
इंसान की पहचान इंसानियत हो
जागरूकता का तर्ज सीखाना है
उठो जागो अब वक्त पुकार रहा
समाज के प्रति फर्ज निभाना है
कदम बढ़ाओ जिम्मेदारी की
भाई – चारा की पाठ पढ़ाना है
साहस हो अपने कर्तव्यों पर
एकता की मसाल जलाना है
उठो जागो अब वक्त पुकार रहा
समाज के प्रति फर्ज निभाना है
संगठित होकर एक साथ चलो
समर्पण भाव से कर्ज चुकाना है
रचनाकार
कमल जांगड़े सिरवाबांधा
8109452269


