स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 51 चेंजमेकर्स सम्मानित, खेमलाल खटर्जी को मिला राष्ट्रीय सम्मान
*ईंट-भट्ठे से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची संघर्ष की कहानी*
*मजदूरों, बाल श्रमिकों और वंचितों की आवाज बने खटर्जी*
*28 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के चयनित चेंजमेकर्स को मिला सम्मान*

सक्ती/एकता नगर (गुजरात) – समाज में बदलाव की अलख जगाने वाले देशभर के 51 चेंजमेकर्स को गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के भव्य परिसर में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। चार दिवसीय ‘2nd National Changemakers Meet 2026’ के समापन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सामाजिक योगदान देने वाले चयनित व्यक्तित्वों को सम्मान मिला। इसी क्रम में SAANS Foundation के सह-संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक खेमलाल खटर्जी को प्रतिष्ठित National Changemaker Award से सम्मानित किया गया।
*मजदूरी से मिशन तक… संघर्ष बना पहचान*
खेमलाल खटर्जी की कहानी केवल सम्मान पाने की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष से बदलाव तक के सफर की कहानी है। बचपन में माता-पिता के साथ मजदूरी और ईंट-भट्ठों में काम करते हुए उन्होंने श्रमिक जीवन की कठिनाइयों को बेहद करीब से देखा। आर्थिक अभाव और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और सोशल वर्क में मास्टर डिग्री (MSW) हासिल की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपने अनुभवों को समाज सेवा का माध्यम बनाया और श्रमिकों, बाल मजदूरों तथा वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू किया।
बाल मजदूरी और मानव तस्करी के खिलाफ उठाई आवाज
खटर्जी ने बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ लगातार अभियान चलाए। मानव तस्करी, श्रमिकों के शोषण और प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को लेकर भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों के अधिकार, कार्यस्थल पर सुरक्षा और शोषण से मुक्ति जैसे मुद्दों पर उनके प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
उनके संघर्ष और सामाजिक कार्यों को ‘द बेटर इंडिया’ सहित विभिन्न डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मों और सिविल सर्विसेज अध्ययन मंचों पर भी स्थान मिल चुका है।
‘विकसित भारत 2047’ पर हुआ मंथन
सम्मेलन की मुख्य थीम ‘The Drivers of Viksit Bharat 2047’ रही। कार्यक्रम में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनप्रतिनिधि, नीति-निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव के लिए काम कर रहे लोगों की भूमिका, उनके अनुभव और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन The Changemakers Network, समन्वय प्रतिष्ठान और इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से किया गया। आयोजन का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बिना किसी प्रचार की अपेक्षा के समाज के लिए काम कर रहे ‘अनसुने नायकों’ को राष्ट्रीय मंच देना और उनके योगदान को पहचान दिलाना है।
संघर्ष की जीत, सेवा की राष्ट्रीय पहचान
खेमलाल खटर्जी को मिला National Changemaker Award उनके व्यक्तिगत संघर्ष के साथ-साथ श्रमिकों, बाल मजदूरों और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
ईंट-भट्ठे में मजदूरी से शुरू हुआ सफर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा—खेमलाल खटर्जी की यह कहानी संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई है।


