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November 6, 2026 11:56 pm

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साहित्य के सुरता म बेमेतरा के गोकुल बंजारे ‘चंदन’ के गूंजिस नाम

साहित्य के सुरता म बेमेतरा के गोकुल बंजारे ‘चंदन’ के गूंजिस नाम

*राजभाषा आयोग के दसवां प्रांतीय अधिवेशन म डॉ. गोकुल बंजारे ‘चंदन’ ला साहित्यिक सम्मान, छत्तीसगढ़ी भाषा अउ साहित्य के सेवा बर मिलिस सम्मान*

 

बेमेतरा – छत्तीसगढ़ी भाषा के मिठास, माटी के गंध अउ लोकजीवन के संवेदना ला अपन लेखनी म जिंदा रखे वाले बेमेतरा के साहित्यकार डॉ. गोकुल बंजारे ‘चंदन’ ला छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के दसवां प्रांतीय अधिवेशन म साहित्यिक सम्मान ले सम्मानित करे गे।

बेमेतरा के किंग महल म आयोजित ये गरिमामय कार्यक्रम म दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार, जिला समन्वयक रामानंद त्रिपाठी, पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल, नगरपालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, साहित्यकार श्रीमती शशि दुबे अउ वरिष्ठ साहित्यकार मीर अली मीर के हाथन डॉ. बंजारे ला सम्मान प्रदान करे गे।

सम्मान स्वरूप राजकीय गमछा, प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति प्रमाण पत्र, श्रीफल अउ बैग भेंट करे गे। सम्मान मिलतही साहित्यिक जगत म खुशी के माहौल देखे बर मिलिस।

*माटी के गंध अउ मनखे के पीरा ला शब्द देथे ‘चंदन’ के कलम*

डॉ. गोकुल बंजारे ‘चंदन’ के लेखनी के खास बात ये हवय कि वो सिरिफ शब्द ला सजाथें नइ, बल्कि छत्तीसगढ़ के माटी, लोकजीवन, संस्कृति अउ मनखे के भावना ला अपन रचना म जियत-जागत रूप म उतारथें। छत्तीसगढ़ी बोली के सहज मिठास, गांव-गंवई के जीवन अउ समाज के सुख-दुख के चित्रण उनके साहित्य म साफ देखे जाथे।

उनके लेखन म छत्तीसगढ़ी भाषा के अपनापन के संग लोकसंस्कृति के रंग घलो दिखाई देथे। यही कारण हवय कि साहित्य के जानकार मन ‘चंदन’ के रचना ला छत्तीसगढ़ी माटी के आवाज अउ जनमन के संवेदना ले जोड़के देखथें।

*साहित्य के संगवारी मन के जुटान ले अधिवेशन बनिस यादगार*

अधिवेशन म राजभाषा आयोग के आदर्श दुबे, पांडे जी, सुषमा गौराहा, भाषाविद् डॉ. चितरंजन कर, छंदकार अरुण कुमार निगम, पद्मलोचन शर्मा ‘मुंहफट’, विजय मिश्रा ‘अमित’, बिलासपुर के राघवेंद्र दुबे, इं. गजानंद पात्रे ‘सत्यबोध’, किशोर तिवारी, कौशल साहू ‘लक्ष्य’, अनुप श्रीवास्तव, पंडित दुर्गाशंकर चतुर्वेदी, डॉ. राजेंद्र पाटकर, भुवन दास जांगड़े, मनोज पाटिल ‘मणि’, श्रीमती कांतिप्रभा बंजारे, ईश्वर साहू ‘आरुग’, घनश्याम सिंह ठाकुर, चोवाराम वर्मा ‘बादल’, नारायण प्रसाद वर्मा, भास्कर सर मुंगेली सहित बड़ी संख्या म कवि अउ साहित्यकार मन मौजूद रहिन।

कार्यक्रम के संचालन वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा ‘अमित’ रायपुर के द्वारा करे गे।

डॉ. गोकुल बंजारे ‘चंदन’ ला मिले ये सम्मान ला बेमेतरा के साहित्यिक जगत बर गौरव के बात माने जावत हवय। साहित्यप्रेमी मन के कहना हवय कि जब माटी के बोली ला अपन कलम के ताकत मिलथे, तब भाषा सिरिफ बोली नइ रहय—वो अपन पहचान बन जाथे। ‘चंदन’ के साहित्यिक यात्रा एही पहचान ला अउ मजबूत करत आगे बढ़त हवय।

Binod Kumar
Author: Binod Kumar

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