आओ एक नजर कानूनी जानकारी पर “मानहानि का मतलब”

अधि. मणिशंकर दिवाकर बेमेतरा,
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नमस्कार साथियों,
आज हम जिस भारत देश में निवास करते है वहाँ की नीति नियम भारतीय संविधान के अनुसार चलता है जो कि पूरे भारत में मान्य है जिसे आप हम सभी जानते है आज हम कुछ विशेष जानकारी को आप तक साझा करना चाह रहे हैं जी हाँ साथियों आप सभी जानकर और हम सभी भारत के नागरिक है और सभी को स्वतंत्रता एवं समानता का पूर्ण अधिकार है , आमतौर किसी वाद विवाद की स्थिति में किसी आम जनों से यह कभी ना कभी कोई जगह सुने ही होंगे, मानहानि
(Defamation) का मतलब किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा , संस्था या समूह के बारे में झूठ बोलकर या लिखकर उनकी मान/ सम्मान /प्रतिष्ठा (Reputation) को जानबूझकर नुकसान पहुँचाते हैं तो यह किसी की इज्जत, मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला असत्य बयान व्यक्त करते है तो भारत में अब यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत एक आपराधिक अपराध है। मानहानि के प्रमुख मुख्य पहलू और उदाहरण इस प्रकार से है :
प्रकार: यह लिखित (Libel) या मौखिक (Slander) हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर – सोशल मीडिया पर किसी के बारे में झूठ फैलाना, अखबार में गलत खबर छापना, सार्वजनिक रूप से झूठे आरोप लगाना जिसके परिणाम इसमें पीड़ित व्यक्ति हर्जाने के लिए सिविल मुकदमा करने का पूर्ण अधिकार रखता है या आपराधिक शिकायत दर्ज करा सकता है।
आप लोगों को बता दूं कि मानहानि के पर्यायवाची /समानार्थी के अनेक रूप हऐ जओ कि निम्न प्रकार से है जैसे – 1/बदनामी, 2/ निंदा, 3/अपमान, प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाना।
कानूनी स्थिति (भारत):
पूर्व में: भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 (परिभाषा) और 500 (दंड) प्रावधान रहा है जिसे परिवर्तन कर वर्ष 2023 में संशोधन किया गया यह वर्तमान में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356(1) और 356(2) पर विधि अनुसार लागू किया गया जो स्वीकार एवं मान्य है |


