भाटापारा क्षेत्र के ग्राम सूरजपुरा में भूख-प्यास से करीब15 गायों की दर्दनाक मौत, 200 से अधिक मवेशियों को गौठान में बंधक बनाकर रखा

भाटापारा। क्षेत्र के ग्राम सूरजपुरा से पशु क्रूरता और प्रशासनिक लापरवाही का एक बेहद ही दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बाड़े गौठान को चारों तरफ से घेरकर, उसके मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया था, जिसके अंदर 200 से अधिक गायों को महीनों से
बंधक बनाकर रखा गया था।
*भूख-प्यास से तड़पकर तोड़ा दम*
गौठान के भीतर बंद इन बेजुबान मवेशियों के लिए न तो चारे की कोई व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम किया गया था। महीनों तक भूख और प्यास से व्याकुल गाए एक-एक कर दम तोड़ती रहीं। इस क्रूरता के कारण अब तक लगभग 15 गायों की तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो चुकी है।
*गौभक्तों ने ताला खोलकर बचाई जान*
जब इस दिल दहला देने वाली घटना की भनक भाटापारा के गौभक्तों को लगी, तो वे तुरंत भारी संख्या में ग्राम सूरजपुरा पहुँचे। गौभक्तों ने बिना समय गंवाए बाड़े का ताला तोड़ा और अंदर तड़प रही गायों को बाहर निकाला। गौभक्तों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासनिक विभाग को दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
*मौके पर पहुँचा प्रशासनिक अमला*
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। गौभक्तों का गुस्सा देखकर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, जनपद सीईओ (CEO), पशु चिकित्सक, ग्राम सचिव, सरपंच और उपसरपंच सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुँचे।अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और आक्रोशित लोगों को शांत कराते हुए दोषियों के खिलाफ जांच कर कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन इस घटना ने पशु क्रूरता निवारण और स्थानीय प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच, लिया सेम्पल
गायों की इस तरह अचानक और दर्दनाक मौत के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने मृत गायों के विसरा और भोजन-पानी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें गहन जांच के लिए फॉरेंसिक और संभागीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा। मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*गोभक्तों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार*
घटना के बाद बड़ी संख्या में गोभक्त घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों की भावनाओं और गोभक्तों की मांग का सम्मान करते हुए प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख और स्थानीय गोभक्तों की मौजूदगी में सभी मृत गायों का पूरे विधि-विधान और सही ढंग से सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया गया।


