AE नवीन वर्मा पर गंभीर सवाल: मौके पर पहुंचे बिना तैयार कर दी जांच रिपोर्ट? CM हेल्पलाइन 1076 में भेजे जवाब पर उठे सवाल
तारेगांव में टूटे विद्युत पोल की शिकायत का मामला, ग्रामीणों से पूछताछ किए बिना रिपोर्ट तैयार करने का आरोप

नवागढ़। ग्राम तारेगांव में लंबे समय से टूटे विद्युत पोल को लेकर की गई CM हेल्पलाइन 1076 की शिकायत अब विद्युत विभाग की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नवागढ़ उपसंभाग के सहायक अभियंता (AE) नवीन वर्मा ने मौके पर पहुंचे बिना ही जांच रिपोर्ट तैयार कर CM हेल्पलाइन में भेज दी। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में ग्रामीणों से पूछताछ किए जाने का उल्लेख भी किया गया है, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार मौके पर न तो अधिकारी पहुंचे और न ही ग्रामीणों से किसी प्रकार की पूछताछ की गई।
शिकायतकर्ता ने ग्राम तारेगांव में विद्युत पोल टूटे होने की शिकायत CM हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से की थी। शिकायत के निराकरण के संबंध में नवागढ़ विद्युत विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय की ओर से 15 सितंबर 2026 को पत्र जारी किया गया।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि शिकायत के संबंध में स्थल का निरीक्षण एवं आवश्यक जांच की गई। विभागीय पत्र के अनुसार जांच के दौरान मौके पर कोई टूटा हुआ विद्युत पोल नहीं पाया गया। पत्र में यह भी लिखा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा विद्युत पोल लगभग 5 वर्ष पूर्व टूटने की बात बताई गई थी, लेकिन वर्तमान में टूटे हुए पोल के स्थान अथवा स्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।
विभाग ने अपने पत्र में आगे दावा किया है कि टूटे हुए पोल के संबंध में ग्रामवासियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन उनके द्वारा भी पोल के स्थान अथवा स्थिति के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं बताई गई।
शिकायतकर्ता के आरोप से रिपोर्ट पर ही सवाल
वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि विभाग की यह रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती। शिकायतकर्ता के अनुसार AE नवीन वर्मा अथवा संबंधित अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच नहीं की गई और न ही ग्रामीणों से पूछताछ की गई। इसके बावजूद CM हेल्पलाइन में भेजी गई रिपोर्ट में स्थल निरीक्षण और ग्रामीणों से पूछताछ का उल्लेख किया गया है।
यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सवाल गंभीर हो जाता है कि बिना मौके पर पहुंचे स्थल निरीक्षण की रिपोर्ट कैसे तैयार हुई और बिना ग्रामीणों से पूछताछ किए रिपोर्ट में पूछताछ का उल्लेख किस आधार पर किया गया?
जांच हुई तो सामने आएं दस्तावेज
मामले में अब विभाग से यह स्पष्ट किए जाने की जरूरत है कि कथित स्थल निरीक्षण किस तारीख को, किस अधिकारी-कर्मचारी द्वारा और किस स्थान पर किया गया। साथ ही जिस ग्रामीणों से पूछताछ किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है, उनके बयान या पूछताछ का कोई रिकॉर्ड तैयार किया गया है या नहीं, यह भी सामने आना चाहिए।
यदि विभाग के पास स्थल निरीक्षण की फोटो, जांच प्रतिवेदन, पंचनामा, ग्रामीणों के बयान अथवा अन्य दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं तो उन्हें सार्वजनिक किए जाने से रिपोर्ट की वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है।
CM हेल्पलाइन के निराकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल
CM हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा शिकायत का निराकरण रिपोर्ट के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि जमीनी स्तर पर जांच किए बिना ही विभागीय जवाब तैयार कर दिया गया, तो शिकायत के वास्तविक निराकरण के बजाय केवल कागजी कार्रवाई पूरी करने का मामला बनता है।
अब सवाल यह है कि क्या AE नवीन वर्मा ने वास्तव में मौके पर जाकर जांच की थी? अगर जांच की गई थी तो उसका प्रमाण क्या है? और यदि ग्रामीणों से पूछताछ की गई थी तो उनके बयान कहां हैं?
इन सवालों के जवाब जरूरी
AE नवीन वर्मा ने स्थल निरीक्षण किस तारीख और समय पर किया?
स्थल निरीक्षण का लिखित जांच प्रतिवेदन कहां है?
जिन ग्रामीणों से पूछताछ का उल्लेख किया गया है, उनके नाम और बयान क्या हैं?
जांच के दौरान मौके की फोटो या अन्य साक्ष्य क्यों सामने नहीं रखे गए?
बिना ठोस दस्तावेजी प्रमाण के CM हेल्पलाइन में रिपोर्ट किस आधार पर भेजी गई?
यदि पोल करीब पांच वर्ष पहले टूटने की जानकारी थी, तो विभागीय रिकॉर्ड में इसकी स्थिति क्या दर्ज है?
अब मामला केवल टूटे विद्युत पोल का नहीं, बल्कि CM हेल्पलाइन में शिकायत के निराकरण के लिए भेजी गई जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता का भी है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि CM हेल्पलाइन में भेजी गई रिपोर्ट वास्तविक स्थल जांच पर आधारित थी या बिना मौके पर पहुंचे तैयार की गई।


