विद्यालयीन समय में शासकीय प्राथमिक शाला केसला मिली बंद, BEO ने प्रधान पाठक को जारी किया नोटिस
ग्रामीण की शिकायत पर हुआ आकस्मिक निरीक्षण, दोपहर 2:30 बजे स्कूल बंद मिलने पर विभाग ने मांगा तीन दिन में स्पष्टीकरण

नवागढ़। नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला केसला में विद्यालयीन समय के दौरान स्कूल बंद पाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीण द्वारा की गई शिकायत के आधार पर 18 सितंबर 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नवागढ़ की ओर से विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण/जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें विद्यालय बंद पाया गया। मामले को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि 18 सितंबर को दोपहर लगभग 2:30 बजे शासकीय प्राथमिक शाला केसला का आकस्मिक निरीक्षण/जानकारी लिए जाने पर विद्यालय बंद पाया गया। विभाग के अनुसार विद्यालयीन समय में बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अवकाश स्वीकृति के विद्यालय बंद पाया जाना घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
बिना अनुमति स्कूल बंद करने पर विभाग सख्त
जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयीन समय में इस प्रकार विद्यालय बंद पाया जाना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के विपरीत माना गया है। इसी आधार पर प्रधान पाठक से मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग ने प्रधान पाठक को निर्देशित किया है कि वे नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नवागढ़ में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।
ग्रामीण की शिकायत के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग
मामले की शुरुआत ग्रामीण की शिकायत से हुई। शिकायत के बाद विद्यालय की स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर संज्ञान लिया गया और विद्यालय के संबंध में जानकारी/आकस्मिक निरीक्षण किया गया। विद्यालय का निर्धारित समय समाप्त होने से पहले बंद मिलना विभाग के लिए भी सवाल खड़े करता है कि आखिर विद्यालय में निर्धारित समय तक शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं या नहीं।
प्राथमिक विद्यालय में छोटे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सीधे तौर पर विद्यालय के नियमित संचालन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि विद्यालय निर्धारित समय से पहले बंद मिलता है तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
अब प्रधान पाठक के स्पष्टीकरण पर टिकी नजर
फिलहाल विभाग ने मामले में सीधे अंतिम कार्रवाई करने के बजाय प्रधान पाठक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रधान पाठक द्वारा विद्यालय बंद पाए जाने के संबंध में क्या स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाता है और विभाग उस स्पष्टीकरण को किस रूप में स्वीकार करता है।
मुख्य सवाल यह है कि 18 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे विद्यालय बंद क्यों मिला? क्या विद्यालय बंद रखने के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति या अवकाश स्वीकृति ली गई थी? यदि अनुमति नहीं थी तो विद्यालयीन समय में स्कूल बंद रहने के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
फिलहाल तीन दिन की समय सीमा में मांगे गए स्पष्टीकरण के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।


