एक दिन का आश्वासन, चार दिन बाद भी काम नहीं!
4–5 साल से टूटा पोल, CM हेल्पलाइन तक शिकायत… फिर भी विभाग बेपरवाह?
AE नवीन वर्मा के आश्वासन की समय-सीमा खत्म, अब CM बेमेतरा प्रवास के बीच उठेगा जवाबदेही का सवाल

नवागढ़/बेमेतरा। शासन की योजनाओं में आमजन की शिकायतों के त्वरित निराकरण का दावा किया जाता है, लेकिन ग्राम तारेगांव में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। साधुराम कुर्रे के घर के पास करीब 4–5 वर्षों से टूटा विद्युत पोल आज भी अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है।
स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मामला CM हेल्पलाइन 1076 तक पहुंचा। शिकायत के बाद नवागढ़ विद्युत विभाग के सहायक अभियंता नवीन वर्मा ने फोन पर कथित तौर पर एक दिन के भीतर कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया। लेकिन अब उस आश्वासन को चार दिन बीत चुके हैं, फिर भी मौके पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ।
आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है विभाग?
सवाल यह है कि जब AE ने स्वयं एक दिन की समय-सीमा बताई थी, तो चार दिन बाद भी विद्युत पोल क्यों नहीं बदला गया? क्या अधिकारी का आश्वासन केवल शिकायतकर्ता को शांत कराने तक सीमित था? क्या विभाग में दिए गए आश्वासन की कोई लिखित मॉनिटरिंग व्यवस्था नहीं है? अगर एक अधिकारी द्वारा तय की गई समय-सीमा का ही पालन नहीं हो रहा है, तो फिर आम नागरिक अपनी शिकायत के निराकरण की उम्मीद किससे करे?
CM हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी नहीं जागा विभाग!
CM हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य ही आम नागरिकों की शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उनका निराकरण सुनिश्चित करना है। ऐसे में सवाल और गंभीर हो जाता है कि CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई में इतनी देरी क्यों कर रहा है?
क्या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है?
क्या मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण किया गया?
क्या नया पोल लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई?
अगर शुरू हुई है तो चार दिन बाद भी काम अधूरा क्यों है?
और अगर प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई, तो अधिकारी ने एक दिन में काम पूरा कराने का आश्वासन किस आधार पर दिया था?
आज CM बेमेतरा प्रवास पर, क्या प्रशासन लेगा संज्ञान?
आज मुख्यमंत्री के बेमेतरा प्रवास के बीच यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो जाता है। क्या जिला प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर विद्युत विभाग से जवाब तलब करेगा? क्या संबंधित अधिकारी से यह पूछा जाएगा कि एक दिन में काम पूरा कराने के आश्वासन के बावजूद चार दिन तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सबसे बड़ा सवाल यही है—4–5 वर्षों से टूटा पोल ग्रामीण की परेशानी और विभाग की लापरवाही का प्रतीक बना हुआ है, तो क्या अब CM हेल्पलाइन की शिकायत और अधिकारी के आश्वासन के बाद भी ग्रामीण को केवल तारीख और आश्वासन ही मिलता रहेगा?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में केवल कागजी निराकरण दर्ज करता है या वास्तव में मौके पर नया पोल लगाकर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करता है।


