किसानों के धान पर बिचौलियों की नजर तो मंडी विभाग का पहरा! कलेक्टर के सख्त निर्देश पर एक्शन मोड में रिकेश नरेटी की टीम
धान खरीदी में कोचियों की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं, अवैध भंडारण और परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश; किरकी के गोदाम में दबिश देकर करीब 210 क्विंटल धान का मामला पकड़ा
बेमेतरा। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही बेमेतरा जिले में मंडी विभाग एक्शन मोड में नजर आ रहा है। किसानों की उपज पर बिचौलियों और कोचियों की नजर न पड़े तथा सरकारी धान खरीदी व्यवस्था में किसी तरह की सेंधमारी न हो, इसके लिए जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने सख्त रुख अपनाया है। छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उन्होंने मंडी विभाग को स्पष्ट मार्गदर्शन देते हुए अवैध धान भंडारण, परिवहन और कोचियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की मंशा स्पष्ट की है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडी सचिव रिकेश नरेटी के नेतृत्व में मंडी निरीक्षकों की टीम लगातार मैदानी निगरानी कर रही है। इसी कार्रवाई के तहत साजा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम किरकी स्थित डाली ट्रेडर्स के गोदाम में अचानक दबिश दी गई। जांच के दौरान करीब 210 क्विंटल यानी लगभग 500 कट्टा धान मिला। मौके पर महाराष्ट्र पासिंग का ट्रक क्रमांक MH 35 AJ 1371 भी मिला, जिससे धान खाली किया जा चुका था। दूसरे राज्य के पंजीयन वाले वाहन की मौजूदगी ने धान के स्रोत और परिवहन की वैधता को लेकर जांच के बिंदु खड़े किए हैं।
इस कार्रवाई के जरिए मंडी विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि धान खरीदी के नाम पर कोचियों की दखलंदाजी और अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं मिलने दिया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप वरिष्ठ मंडी सचिव रिकेश नरेटी को संदिग्ध भंडारण और अवैध परिवहन पर लगातार निगरानी रखने तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दरअसल, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का वास्तविक उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना है। ऐसे में यदि बिचौलिये दूसरे माध्यमों से धान लाकर सरकारी खरीदी व्यवस्था का लाभ उठाने की कोशिश करते हैं, तो इसका सीधा नुकसान वास्तविक किसानों को हो सकता है। इसलिए खरीदी शुरू होने से पहले ही मंडी विभाग की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठ मंडी सचिव रिकेश नरेटी के नेतृत्व में निरीक्षकों की टीम की यह कार्रवाई केवल 210 क्विंटल धान मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो किसानों के हक और सरकारी व्यवस्था के बीच बिचौलिये बनकर अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करते हैं।
अब निगाहें धान खरीदी सीजन पर हैं। क्या मंडी विभाग पूरे सीजन में इसी तरह सक्रिय रहकर कोचियों की दखलंदाजी रोक पाएगा? फिलहाल कलेक्टर के सख्त निर्देश और मंडी सचिव की मैदानी सक्रियता से इतना स्पष्ट है कि किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और धान खरीदी में पारदर्शिता प्रशासन की प्राथमिकता में है।


