बैगलेस डे पर चिल्फी में सजा सीखने का नया अंदाज

*दाढ़ी जोन के छह संकुलों के शिक्षकों ने लिया भाषा-गणित प्रशिक्षण, कविता और गतिविधियों के जरिए बच्चों में दक्षता विकसित करने पर जोर*
बेमेतरा/दाढी/चिल्फी – शनिवार के बैगलेस डे के अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला चिल्फी में दाढ़ी जोन अंतर्गत जाता, उमरिया, बालक दाढ़ी, कन्या दाढ़ी, पंचभैया और सेमरिया संकुलों के शिक्षकों के लिए जोन स्तरीय भाषा एवं गणित प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नई पाठ्यपुस्तकों में दी गई गतिविधियों को प्रभावी ढंग से कक्षा में लागू करने तथा अक्टूबर माह के चर्चा पत्र में दिए गए बिंदुओं पर शिक्षकों के बीच संवाद एवं अनुभव साझा करना रहा।
प्रशिक्षण की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस दौरान प्रधान पाठक बलदाऊ जायसवाल सहित सभी संकुल समन्वयक उपस्थित रहे। प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक ने प्रशिक्षण में सहभागिता की।
*कविता से अक्षर, शब्द और वाक्य सीखने का प्रयोग*
मास्टर ट्रेनर स्वरूपा महापात्रे, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, ने हिन्दी विषय में नवीन पाठ्यपुस्तकों की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कविता को केवल पढ़ाने के बजाय हाव-भाव, गतिविधि, सहभागिता और रचनात्मक अभ्यास के माध्यम से बच्चों के पठन-लेखन कौशल को विकसित किया जा सकता है।
कक्षा 2, 3 एवं 4 की नवीन पाठ्यपुस्तकों के संदर्भ में अक्षर ज्ञान, शब्द ज्ञान, वाक्य निर्माण और तुकांत शब्दों के माध्यम से कविता निर्माण जैसी गतिविधियों पर चर्चा हुई।
प्रशिक्षण के दौरान ‘चींटी’ कविता को गतिविधि आधारित तरीके से प्रस्तुत किया गया। पहले कविता को हाव-भाव के साथ सुनाया गया, फिर बच्चों से कविता दोहराने और गतिविधियां कराने का तरीका बताया गया। कठिन शब्दों को बोर्ड पर लिखकर शिक्षकों को यह अभ्यास कराया गया कि बच्चों को स्वयं शब्द एवं वाक्य निर्माण के लिए कैसे प्रेरित किया जाए। इसके बाद बच्चों की सहभागिता से कविता निर्माण की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।
*“समझ के साथ पढ़ना” पर विशेष जोर*
मास्टर ट्रेनर जय कुमार मालाकार, शिक्षक चिल्फी, ने NCF-SF एवं NCF-SE के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि बच्चों को केवल पढ़ना सिखाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समझ के साथ पढ़ने और सीखने के अवसर देना जरूरी है।
प्रशिक्षण में FLN के महत्वपूर्ण बिंदुओं, पठन-लेखन कौशल, नवीन पाठ्यपुस्तकों की गतिविधियों तथा अक्टूबर माह के चर्चा पत्र पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
*छह संकुलों के समन्वयकों की रही सहभागिता*
प्रशिक्षण में मालिक राम साहू (CAC उमरिया), जितेंद्र कुमार साहू (CAC जाता), खेवेन्द्र सिंह ठाकुर (CAC सेमरिया), सुखचंद चंद्राकर (CAC पंचभैया), परमेश्वर खड़गे (CAC बालक दाढ़ी) और दिनेश सत्यवंशी (CAC कन्या दाढ़ी) सहित संबंधित शिक्षक उपस्थित रहे। जोन प्रभारी जीतेंद्र साहू के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण का संचालन किया गया।
कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, नई पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग और बच्चों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने पर विशेष जोर रहा।वैकल्पिक मुख्य शीर्षक:
“बैगलेस डे पर किताबों से आगे बढ़कर सीखने का प्रयोग, चिल्फी में शिक्षकों को दिया भाषा-गणित का प्रशिक्षण”
सबसे प्रभावी 5-सेकंड हुक:
“बैगलेस डे यानी बिना बस्ते का दिन… लेकिन चिल्फी में इसी दिन शिक्षकों ने सीखा कि बच्चों को किताब से नहीं, गतिविधियों से कैसे जोड़ा जाए।”


