जेवरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अमोरा जल उपचार संयंत्र का किया शैक्षणिक भ्रमण
जल शुद्धिकरण, गुणवत्ता परीक्षण और जल स्रोत संरक्षण की सीखी व्यावहारिक जानकारी

बेमेतरा, 30 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बेमेतरा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरी के विद्यार्थियों का अमोरा स्थित एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना एवं जल उपचार संयंत्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पेयजल शुद्धिकरण की प्रक्रिया, जल गुणवत्ता परीक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नल जल प्रदाय योजना की कार्यप्रणाली और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने जल उपचार संयंत्र की विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया।
जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया को समझा
विद्यार्थियों को कच्चे जल से लेकर उपचारित जल तक की प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान स्कंदन (Coagulation), फ्लोक्युलेशन (Flocculation), अवसादन (Sedimentation), निस्यंदन (Filtration) और विसंक्रमण (Disinfection) जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन प्रक्रियाओं के माध्यम से जल को उपचारित कर पेयजल के रूप में उपयोग योग्य बनाया जाता है। विद्यार्थियों ने संयंत्र में लगी विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।
FTK से जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन
भ्रमण के दौरान फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थियों को जल का नमूना लेने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की जांच की प्रक्रिया समझाई गई।
अधिकारियों ने सुरक्षित पेयजल के लिए नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण के महत्व तथा दूषित जल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर
विद्यार्थियों को बताया गया कि पेयजल व्यवस्था की निरंतरता के लिए जल स्रोतों का संरक्षण और पर्याप्त जल उपलब्धता जरूरी है। इस दौरान भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन, तालाबों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और भूजल के संतुलित उपयोग की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों से जल की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और अपने परिवार एवं गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़े गए विषयों को वास्तविक जल उपचार एवं परीक्षण व्यवस्था से जोड़कर समझने का अवसर मिला। विभाग की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल और जल संरक्षण को लेकर जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।


